कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अंबाला छावनी में पुतला फूंका। मंत्री अनिल विज ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
के पिता का नाम लेकर जो अपमान किया गया है, यह देश उसको कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति करिए, लेकिन इस देश की संस्कृति का सम्मान भी करिए। इस दौरान मंत्री अनिल विज ने छाती पीटते हुए 'बदतमीज कांग्रेस, पिट गई कांग्रेस', 'ऐ की हो गया, खड़गे मोया-मोया' नारे भी लगाए।
मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रजातंत्र में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों का भिन्न मत होना जायज बात है। सरकारों की कार्य प्रणाली की समीक्षा करना हर विरोधी दल का अधिकार है, लेकिन विरोध करने का भी एक स्तर होता है, नैतिकता होती है, जबकि आज कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल सारे देश की जनता द्वारा ठुकराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 22 प्रदेशों से कांग्रेस का सफाया कर दिया है। देश में लगातार भारतीय जनता पार्टी की सरकार चल रही है। इससे कांग्रेस पार्टी इतना बौखला गई है कि वह अपना मानसिक संतुलन को बैठी है।
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'क्या चाय बेचकर परिवार का पालन करना अपराध है?'
अनिल विजय कहा, 'कभी हमारे प्रधानमंत्री को कहते हैं कि यह चाय बेचने वाला है, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या चाय बेचकर अपने परिवार का पालन करना अपराध है, हमारे देश में करोड़ों लोग चाय बेचने का काम करते हैं, छापा लगाने का काम करते हैं, रिक्शा चलाते हैं, रेहड़ी लगाते हैं, दुकानों में मजदूरी करते हैं, कारखाने में मजदूरी करते हैं, क्या यह अपराध है, क्या वह मेहनत करके प्रधानमंत्री के पद तक नहीं पहुंच सकते।'
अनिल विज ने सवाल करते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री का पद केवल सोने का चम्मच मुंह में पैदा लेकर हुए
राहुल गांधी
जैसे लोगों का ही हक है, लेकिन कांग्रेस ऐसा करके हिंदुस्तान के करोड़ श्रमजीवियों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह तो लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इस देश में किसी भी स्तर से उठकर कोई भी व्यक्ति ऊंचे से ऊंचे पद पर जा सकता है। विज ने कहा कि अभी पिछले दिनों बिहार के चुनाव हुए। कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माता के लिए अपशब्द कहे गए और अब तो इंतहा हो गई।
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'यह हिंदुस्तान में खून खराबा करवाना चाहते हैं'
अनिल विज ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कुछ पीटे हुए मोहरे हैं, हारे हुए मोहरे, जिन्हें जनता ने ठुकरा दिया है, कभी ये चेंज द रेजीम कहते हैं तो कभी कुछ कहते हैं। चेंज द रेजीम के लिए हर पार्टी को जनता के पास जाना होता है, उसके लिए लोगों में जाना पड़ता है लोगों में जाओ अपनी योजनाएं बताओ हमारी योजनाओं की कमियां निकालो। लोगों के मन को जीतों और जब चुनाव आए, तो चुनाव जीतकर अपनी सरकार बना लो, इस पर कोई एतराज नहीं है। परंतु अगर तुम चेंज द रेजीम कहो, अराजकता पैदा करो, तो यह भारत की धरती पर ऐसा नहीं होगा।'
अनिल विज ने कहा, 'पिछले कुछ समय से जो विपक्ष की हरकतें देखी जा रही है जैसा दिल्ली में एक तरह से दिल्ली को बंदी बनाने का काम किया गया। लेकिन अब तो इन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली में लाखों लोग इकट्ठे करने का निर्णय लिया है, जबकि 1 नवंबर को दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था और 31 तारीख को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी। तब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा था कि जब बडा पेड़ गिरता हैं तो धरती हिला ही करती है। यानि उसको तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने जायज बताने की बात की।'
'कांग्रेस पार्टी अंग्रेजों की नाजायज औलाद'
अनिल विज ने कहा, 'हमें डर है, हमें खतरा है कि एक तारीख को लाखों लोगों को इकट्ठा करके दिल्ली में लेकर जा रहे हैं तो यह चाह रहे हैं कि जैसे फ्रांस में हुआ, बांग्लादेश में हुआ, नेपाल में हुआ, इस प्रकार का खून खराबा यह हिंदुस्तान में भी करवाना चाहते हैं।' उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अंग्रेजों की नाजायज औलाद है। कांग्रेस पार्टी अंग्रेजों ने 1885 में बनाई थी।
अनिल विजय ने कहा, 'कांग्रेस अंग्रेजी का शब्द है। गोरे अंग्रेज चले गए और काले अंग्रेजों को सत्ता सौंप गए, जिनकी अंग्रेजों के साथ दोस्ताना के किस्से जगजाहिर है, किताबें छपी हुई है। कांग्रेस के नेताओं के कांग्रेस की लेडी माउंटबेटन के साथ किस्से छपे हुए हैं, क्योंकि यह अंग्रेजी पार्टी है।' इस दौरान विज ने अंग्रेजों की पार्टी-कांग्रेस पार्टी, अंग्रेजों कांग्रेस गो बैक कांग्रेस पार्टी गो बैक के नारे भी लगाए।