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12वीं के छात्रों में 'गैंगवार', साथी को पीटकर मार डाला, 12 नाबालिग हिरासत में

नाबालिग छात्रों पर 12वीं के एक छात्र की हत्या का आरोप है। पुलिस ने 12 छात्रों को हिरासत में लिया है। 

Tamilnadu Police

तमिलनाडु पुलिस। प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit: PTI

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तमिलनाडु के तिरुवोट्टियूर में एक स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 नाबालिगों को हिरासत में लिया है। ये सभी 16-17 साल के हैं और पूछताछ के बाद इन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। 16 साल के धनुष की मौत संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई है।

धनुष विमको सिटी के पास जय गोपाल गरोडिया सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में इतिहास का छात्र था। शुक्रवार शाम को ग्यारहवीं कक्षा के कुछ छात्रों के एक ग्रुप ने उसे तिरुवोट्टियूर बस टर्मिनस के पीछे खाली प्लॉट में पीटा। जब वह बेहोश हो गया तो वे लोग वहां से भाग गए।

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झगड़ा क्यों शुरू हुआ था?

धनुष को 108 एंबुलेंस से सरकारी स्टेनली अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार यह घटना शुक्रवार 13 अगस्त को स्कूल में हुई बहस से शुरू हुई थी। एक 18 साल के बारहवीं कक्षा के छात्र और 17 साल के ग्यारहवीं कक्षा के छात्र के बीच झगड़ा हुआ था। हेडमास्टर ने दोनों को बुलाकर फटकारा था।

गैंग बनाकर साथियों ने मार डाला?

अगले दिन शाम को ग्यारहवीं कक्षा के छात्र और उसके दोस्तों ने धनुष को घेर लिया और उसे पीटा। कुछ नाबालिगों ने पुलिस से कहा कि धनुष को दौरा पड़ने के बाद उन्होंने उसे जगाने की कोशिश की थी, फिर वहां से चले गए। धनुष की मां लक्ष्मी (45) की शिकायत पर तिरुवोट्टियूर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उसी स्कूल के 12 नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया गया है।

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अगर दोषी पाए गए नाबालिग तो क्या सजा हो सकती है?

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट शुभम गुप्ता ने बताया, 'जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम, 2015 के तहत, अगर 16-18 वर्ष की आयु का कोई किशोर हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल है, तो उसे वयस्क के रूप में भी आंका जा सकता है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) सबसे पहले यह जांच करता है कि क्या किशोर में अपराध की गंभीरता को समझने की मानसिक और शारीरिक क्षमता थी। अगर बोर्ड को लगता है कि उसे वयस्क के रूप में न्याय दिया जाना चाहिए तो मामले को 'चिल्ड्रन कोर्ट' में भेजा जा सकता है। अगर दोषी पाया जाता है तो अदालत उसे वयस्क अपराधी की तरह सजा दे सकती है।'

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