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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, पटना में फूंका पुतला

चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ बिहार कांग्रेस ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

Congress burn an effigy of  CEC Gyanesh Kumar

पटना में कांग्रेस का प्रदर्शन, Photo Credit: PTI

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चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ बिहार कांग्रेस ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। इनकम टैक्स गोलंबर पर कांग्रेस ने आक्रोश मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने CEC के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है।यह प्रदर्शन बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से किया गया। अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स गोलंबर पर इकट्ठा होकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।

 

प्रदर्शन का नेतृत्व अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव कर रहे थे। उनके साथ विधायक दल के पूर्व नेता डॉ शकील अहमद खान, सेवादल के अध्यक्ष डॉ संजय यादव, अफरोज खान, प्रेमचंद सिंह, शिशिर कौंडिल्य, डॉ अमन कुमार, मंजीत आनंद साहू, मृणाल अनामय, सत्येंद्र कुमार सिंह, इन्द्रदीप चंद्रवंशी, नदीम अख्तर अंसारी, रुचि सिंह, सतेंद्र कुमार, निशांत करपटने, बिट्टू यादव, विशाल यादव, अरुण पाठक, मिहिर झा, रमाशंकर पान, राज कुमार पूर्वे, बिपिन झा, दिनेश शंकर दास सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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क्या बोले नेता?

कपिलदेव प्रसाद यादव ने कहा कि चुनाव आयोग सरकार और सत्तारूढ़ दल के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के प्रमुख की भूमिका के बजाय सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन वह सरकार के इशारे पर काम कर रही है। 

 

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त स्वयं को संस्था से ऊपर मानकर काम कर रहे हैं और अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों एवं असहमतियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। आयोग के भीतर लोकतंत्र खत्म हो रहा है। अगर आयोग के अंदर ही असहमति की आवाज को दबाया जाएगा तो बाहर निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे।

चुनाव आयोग पर हमला

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में आम मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं अथवा उनके मताधिकार पर सवाल खड़े होते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है। अगर उसमें ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले लगभग 10 महीनों में आयोग के विभिन्न कदमों एवं आदेशों पर 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज की है। यह कोई छोटी बात नहीं है।रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने तथा आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्त लगातार लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त उनकी सुन नहीं रहे।

 

कांग्रेस का कहना है कि यह इस बात का सबूत है कि आयोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। जब दो चुनाव आयुक्त ही फैसलों से सहमत नहीं हैं तो आम जनता कैसे भरोसा करे। चुनाव आयोग को इन आपत्तियों को सार्वजनिक करना चाहिए और बताना चाहिए कि किन कारणों से नाम जोड़े और हटाए जा रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा

कपिलदेव प्रसाद यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक विश्वसनीयता, मतदाताओं के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। जब तक CEC इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा। कांग्रेस हर जिले में इसका विरोध करेगी।

 

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ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने CEC मुर्दाबाद, चुनाव आयोग होश में आओ, लोकतंत्र बचाओ जैसे नारे लगाए। इनकम टैक्स गोलंबर पर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चला, जिससे ट्रैफिक भी कुछ देर के लिए बाधित हुआ। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरे हैं। अगर चुनाव आयोग ही निष्पक्ष नहीं रहेगा तो देश में निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे। सरकार चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है। मतदाता सूची से विपक्ष के वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं और सत्तारूढ़ दल के लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं। यह सब CEC के इशारे पर हो रहा है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को संसद से सड़क तक लड़ेगी। बिहार से इसकी शुरुआत हुई है। आने वाले दिनों में दिल्ली में भी चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि वोट चोरी नहीं होने देंगे। पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। बिहार में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी विवाद चल रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। कई लोगों के नाम बिना वजह काटे जा रहे हैं। इसी को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी, जो अब सार्वजनिक हुई है।


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