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गया में बंद पड़े घर से मिली थी ड्रग्स, पूर्व सांसद के बेटे तक पहुंची जांच की आंच

बिहार के गया में एक पुराने घर से मिली ड्रग्स के मामले की जांच अब पूर्व सांसद के बेटे आनंद सिंह तक पहुंच गई है। आनंद समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

बिहार के गया शहर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को लेकर हुई बड़ी कार्रवाई ने पुलिस और ड्रग विभाग की जांच को राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा दिया है। रंगबहादुर रोड-पिपरपांती इलाके में छापेमारी के बाद अब इस पूरे मामले में पूर्व सांसद के बेटे आनंद सिंह का नाम सामने आने से सनसनी फैल गई है। पुलिस इसे केवल अवैध दवा बिक्री का मामला नहीं, बल्कि संगठित ड्रग नेटवर्क के रूप में देख रही है।

 

25 मई को ड्रग विभाग और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पिपरपांती मोहल्ले में एक मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बरामद हुईं। शुरुआती जांच में सामने आया कि जिस मकान में यह कारोबार चल रहा था, वह पूर्व सांसद के बेटे आनंद सिंह का बताया जा रहा है।

 

औषधि निरीक्षक सुनील कुमार के बयान पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला एनडीपीएस एक्ट 1985 और बीएनएस की कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद दवाओं की मात्रा और नेटवर्क की संरचना इस कारोबार के लंबे समय से सक्रिय होने की ओर इशारा करती है।

 

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जांच के घेरे में आनंद सिंह

एफआईआर में आनंद सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बिना पर्याप्त सत्यापन के विकास कुमार को मकान किराए पर दिया। बाद में उसी परिसर से नशीली दवाओं का कारोबार संचालित होने लगा। हालांकि, अब तक उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जांच एजेंसियां उनकी भूमिका को लेकर हर पहलू खंगाल रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मकान किराये पर देने, आने-जाने वाले लोगों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल और नेटवर्क लिंक खंगालने की तैयारी भी चल रही है।

 

इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें आनंद सिंह, मोहम्मद आबिद अंसारी, राजेश कुमार उर्फ मुखिया, कुणाल कुमार, राजेंद्र कुमार शर्मा, विकास कुमार, उनकी पत्नी रूबी देवी और मुकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह शहर में लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसकी पहुंच आसपास के जिलों तक भी हो सकती है।

 

छह गिरफ्तार, बाकी पर दबिश

गया एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि अब तक विकास कुमार, रूबी देवी, कुणाल कुमार, राजेश कुमार उर्फ मुखिया, मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क केवल दवाओं की अवैध बिक्री तक सीमित था या फिर युवाओं तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का बड़ा चैनल बन चुका था।

 

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इस कार्रवाई के बाद गया शहर में अवैध मेडिकल नेटवर्क और नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर रिहायशी इलाकों में इस तरह का कारोबार चल रहा था, तो स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।


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