हरियाणा के हिसार जिले में गुरुवार को कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विनोद काना कोर्ट में पेशी के लिए आया था। पेशी के बाद जैसे ही वह कोर्ट के मुख्य गेट से बाहर निकला वैसे ही बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमले में विनोद काना की मौत हो गई। दो में से एक हमलावर को पुलिस ने पकड़ लिया है और उससे पूछ ताछ की जा रही है।
हमले के बाद दोनों बदमाश कोर्ट परिसर से भागने लगे। इसी दौरान विनोद काना के एक साथी ने उनका पीछा किया। बताया जा रहा है कि भागते समय एक हमलावर ने विनोद के साथी पर भी गोली चलाई जिससे वह घायल हो गया। इसके बावजूद उसने पीछा जारी रखा और एक हमलावर को वकीलों की पार्किंग के पास पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं दूसरा आरोपी पेट्रोल पंप की तरफ से भाग गया। पुलिस ने पूरे इलाके में जांच शुरू कर दी है और फरार हमलावर की तलाश की जा रही है।
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कोर्ट में पेशी के बाद हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, विनोद काना गुरुवार को एक मामले में पेशी के लिए हिसार कोर्ट आया था। पेशी के बाद वह अपने साथियों के साथ कोर्ट के मुख्य गेट से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। हमले के बाद पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके की जांच की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों ने वारदात की योजना कब बनाई थी और उन्हें विनोद काना के कोर्ट आने की जानकारी कैसे मिली।
विनोद पानू उर्फ काना हिसार का सबसे खतरनाक गैंगस्टर माना जाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे। विनोद काना का नाम हरियाणा के अलावा दिल्ली-एनसीआर से जुड़े कई आपराधिक मामलों में भी सामने आया था। उसका नाम हिसार की गैंगवार से भी जुड़ा रहा है।
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सात लाख रुपये का इनाम था
पुलिस ने साल 2017 में विनोद काना को झज्जर जिले के भिंडावास इलाके से गिरफ्तार किया था। उस समय विनोद पर 7 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ सात अन्य बदमाश भी पकड़े गए थे। इनमें मकोका से फरार और पौरोल जंपर धीरपाल निवासी रेढूवास भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, उस समय यह गिरोह मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या की साजिश में जुटा था।
विनोद काना का नाम हिसार में विधायक सावित्री जिंदल के निजी सलाहकार के भतीजे संजय शर्मा की हत्या के मामले में भी सामने आया था। संजय शर्मा की 2014 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई आरोपियों को बाद में अदालत ने सजा भी सुनाई थी जबकि विनोद काना का मुकदमा अलग से चल रहा था।