उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जमीन से जुड़े विवाद के बीच 29 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। छावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा कस्बे में युवक अपनी दुकान के अंदर अचेत अवस्था में मिला। परिजन और स्थानीय लोग उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। मौके से मिले कथित सुसाइड नोट में युवक ने चकबंदी लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जमीन विवाद के चलते मानसिक तनाव में होने की बात लिखी है। नोट में लगाए गए आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है।
मामला छावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा कस्बे का है। कुंआगांव निवासी 29 वर्षीय गणेश श्रीवास्तव अमोढ़ा में डॉक्टरी का काम करते थे। मंगलवार शाम वह अपनी दुकान के अंदर अचेत अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। गणेश को पहले अयोध्या जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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सुसाइड नोट में जमीन विवाद का जिक्र
पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट मिला है। इसमें गणेश ने चकबंदी के दौरान सड़क की जमीन को कई हिस्सों में बांटे जाने का आरोप लगाया है। नोट में इस वजह से लंबे समय से परेशान और मानसिक तनाव में होने की बात कही गई है। युवक ने अपनी मौत के लिए संबंधित चकबंदी लेखपाल को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया है। हालांकि, सुसाइड नोट में लिखी बातों की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को भी कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और जमीन विवाद को लेकर उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था।
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लेखपाल पर लगे आरोपों की भी होगी जांच
मामले में सबसे अहम बिंदु सुसाइड नोट में चकबंदी लेखपाल पर लगाए गए आरोप हैं। पुलिस अब जमीन से जुड़े विवाद, चकबंदी की प्रक्रिया और युवक की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि युवक की मौत के पीछे जमीन विवाद के अलावा कोई अन्य कारण तो नहीं था। फिलहाल युवक की मौत के बाद सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों ने चकबंदी और जमीन विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।