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7 घंटे की पैरोल पर गांव पहुंचा हरियाणा का गैंगस्टर, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

गैंगस्टर काला जठेड़ी अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण समारोह में शामिल होने के लिए सात घंटे की पैरोल पर गांव पहुंचा। गांववालों ने ढोल-नगाड़ों से उसका स्वागत किया।

Kala Jatheri visits home after Dwarka Court granted 7 hour custody parole

पैरोल पर गांव पहुंचा काला जठेड़ी, Photo Credit: PTI

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गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को सात घंटे की पैरोल पर हरयाणा के सोनीपत के राई क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव जठेड़ी पहुंचा। उसे अपनी जुडवां बेटियों के नामकरण समारोह में शामिल होने के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अस्थायी पैरोल मिली थी। गांव पहुंचने पर कुछ ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। इस दौरान उसके घर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

 

काला जठेड़ी के पहुंचने से पहले ही गांव में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी। उसके घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे और गांव के प्रमुख स्थानों पर भी जवान तैनात किए गए। घर को नामकरण समारोह के लिए फूलों से सजाया गया था। परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में जुड़वां बेटियों के नामकरण की पारंपरिक रस्में पूरी की गईं।

 

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तीन महीने पहले हुआ था बेटियों का जन्म

काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा ने करीब तीन महीने पहले जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। दोनों बच्चियों के नामकरण समारोह में शामिल होने के लिए काला जठेड़ी को अस्थायी पैरोल दी गई। रविवार को वह निर्धारित समय के दौरान अपने गांव स्थित घर पर रहा। नामकरण कार्यक्रम में परिवार के करीबी सदस्य और रिश्तेदार शामिल हुए।

 

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मीडिया की एंट्री पर रही रोक

नामकरण समारोह की मीडिया कवरेज पर भी रोक रही। पत्रकारों को गांव के उस हिस्से में एंट्री की अनुमति नहीं दी गई जहां समारोह आयोजित किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के चलते पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी रही। बता दें कि काला जठेड़ी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। इसी वजह से पैरोल की अवधि के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। उसे सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पैरोल दी गई थी और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसे वापस ले जाया गया।


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