बिहार के पटना जंक्शन रेल पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी फर्जी दारोगा बनकर सफर करता था, जो मौका मिलते ही यात्रियों का सामान लेकर फरार हो जाता था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से पुलिस का फर्जी आईकार्ड, मोबाइल और बीएमपी के एक हवलदार के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी का नाम रंजन कुमार है। वह जहानाबाद जिले का रहने वाला है। रेल पुलिस के अनुसार, रंजन खुद को दारोगा बताता था। वह वर्दी पहनकर ट्रेनों में सफर करता था। यात्रियों से घुल-मिलकर उनका भरोसा जीतता था। फिर मौका पाते ही बैग, मोबाइल और नकदी लेकर उतर जाता था। अगर किसी को शक होता तो फर्जी आईकार्ड दिखाकर डरा देता था।
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रेल पुलिस को लगातार मिल रही थीं शिकायतें
पिछले कुछ महीनों से रेल पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों का कहना था कि ट्रेन में पुलिस वाला बनकर एक व्यक्ति चोरी कर रहा है। शिकायतों के बाद रेल पुलिस ने आरोपी का हुलिया तैयार किया। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पता चला कि वह अक्सर पटना जंक्शन आता है और वंदे भारत एक्सप्रेस का इंतजार करता है। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए योजना बनाई गई। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों को प्लेटफॉर्म पर तैनात किया गया।
वंदे भारत का कर रहा था इंतजार
पुलिस के अनुसार, रंजन कुमार पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंचा। वह वंदे भारत एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। पुलिस को पहले से उसका हुलिया पता था। जैसे ही वह प्लेटफॉर्म पर दिखा, पुलिस ने उसे घेर लिया। उसे भागने का मौका नहीं मिला और गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रंजन के बैग की तलाशी ली। बैग से पुलिस का एक फर्जी आईकार्ड मिला। आईकार्ड पर उसका नाम और पद दारोगा लिखा था। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। पुलिस ने मोबाइल की जांच की तो उसमें कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं।
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मोबाइल की जांच में पता चला कि रंजन ने पुलिस की वर्दी पहनकर कई फोटो खिंचवाई थीं। वह अलग-अलग जगहों पर वर्दी में सेल्फी लेता था। पुलिस का मानना है कि इन्हीं तस्वीरों को दिखाकर वह यात्रियों का विश्वास जीतता था। पुलिस को शक है कि उसने ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की होंगी। मोबाइल में कुछ संदिग्ध नंबर भी मिले हैं। पुलिस उनकी भी जांच कर रही है।
बीएमपी हवलदार के दस्तावेज भी मिले
तलाशी के दौरान बैग से बीएमपी के एक हवलदार के जरूरी दस्तावेज भी मिले। इनमें हवलदार का आईकार्ड और कुछ अन्य कागजात शामिल हैं। अब रेल पुलिस उस हवलदार से पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि उसके दस्तावेज रंजन तक कैसे पहुंचे। क्या हवलदार की इसमें कोई भूमिका है या दस्तावेज चोरी हुए थे। इस एंगल से भी जांच की जा रही है।
रेल पुलिस ने रंजन कुमार के खिलाफ रेल थाना में मामला दर्ज कर लिया है। उस पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और चोरी की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। उससे यह भी पूछा जा रहा है कि वह अकेले काम करता था या किसी गिरोह का हिस्सा है।
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पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
रेल पुलिस रंजन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी इस तरह की वारदात कर चुका है या नहीं। जहानाबाद और आसपास के जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया गया है। अगर वहां भी ऐसे मामले सामने आए हैं, तो उन्हें भी इस केस से जोड़ा जाएगा।
पूछताछ में रंजन ने बताया कि वह ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों को निशाना बनाता था। खासकर वंदे भारत और राजधानी जैसी ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाता था। वह पहले यात्रियों के पास बैठता था और उनके सामान पर नजर रखता था। जब यात्री सो जाते या वॉशरूम जाते, तो वह सामान उठाकर फरार हो जाता था। पकड़े जाने का डर होता तो फर्जी आईकार्ड दिखा देता था। लोग उसे पुलिसकर्मी समझकर चुप हो जाते थे।