पंजाब में एक बार फिर से पुलिस ही अपराध का शिकार हो गई है। शुक्रवार तड़के अमृतसर में एक पुलिसकर्मी को गोली मार दी गई और उनकी मौत हो गई। इस हमले में जान गंवाने वाले असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह ड्यूटी पर थे जब उन्हें गोली मारी गई। अब पंजाब सरकार ने उनके परिवार को कुल 1 करोड़ की मदद देने का एलान किया है। विपक्षी पार्टियों ने पंजाब की सरकार चला रही आम आदमी पार्टी (AAP) को आड़े हाथ लिया है और कहा है कि पंजाब में डर का माहौल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हरजीत सिंह तरन तारन के रहने वाले थे। वह अमृतसर में पोस्टेड थे। शुक्रवार सुबह 3 बजे वह पीसीआर वैन के साथ गेट हकीमा थाने के अंतर्गत आने वाली भगतनवाला अनाज मंडी के पास तैनात थे। अचानक आए दो बाइक सवारों ने उनपर गोलियां बरसा दीं। उन्हें तीन गोलियां लगीं और वह वहीं गिर गए। बताया गया है कि उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही हरजीत सिंह की मौत हो चुकी थी।
यह भी पढ़ें: तेज आवाज में बात करने पर हुआ झगड़ा, ऑटो में बैठी महिला को उतारकर सरेआम पीटा
क्या बोला विपक्ष?
इस घटना पर राज्यसभा सांसद और बीजेपी के नेता तरुण चुघ ने कहा है, 'यह घटना बहुत दुखद है। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। 22 पुलिस स्टेशन और बीजेपी मुख्यालय पर ग्रेनेड अटैक हो चुके हैं। 4 घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई हैं। गोलियां चलाते हैं और उसका वीडियो भी बनाते हैं। AAP की सरकार इससे इनकार कर रही है जबकि आतंकी संगठन इसके वीडियो तक डाल रहे हैं।'
यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ का भी दिल्ली जैसा हाल! कॉलेजों में छात्र बढ़ते जा रहे लेकिन हॉस्टल नहीं
हरियाणा के डीजीपी ने इस घटना का सूचना देते हुए X पर लिखा है, 'हमारे बहादुर पुलिस अधिकारी ASI हरजीत सिंह ने अपनी ड्यूटी करते वक्त बलिदान दिया। पंजाब पुलिस दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। माननीय मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का एलान किया है। इसके अलावा, इंश्योरेंस के 1 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे। हमारी प्रार्थनाएं पीड़ित के परिवार और उनके रिश्तेदारों के साथ हैं।'
इसी मामले पर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी पंजाब सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने लिखा है, 'गुरु नगरी श्री अमृतसर गुरु दोखी भगवंत मान और अयोग्य डीजीपी गौरव यादव के शासन में रक्त रंजित हो रही है। अभी तक 3 ASI की हत्या हो चुकी है। अगर ड्यूटी पर पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम पंजाबियों का क्या होगा? पुलिस का इस्तेमाल पंजाबियों और विपक्षियों को खामोश कराने के लिए हो रहा है।'