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नोएडा DM मेधा रूपम को SC से राहत, इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने आकृति चौधरी की NSA हिरासत मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। HC ने हिरासत रद्द कर अफसरों पर टिप्पणी की थी।

SC stays Allahabad HC order against Medha Roopam

गौतमबुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम, Photo Credit: Social Media

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने 2 सिरंतब को दिल्ली यूनिवर्सिटी की इतिहास की छात्रा आकृति चौधी की NSA के तहत हिरासत को रद्द कर दिया था। साथ ही गौतमबुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम और मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की थी।

 

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस निर्देश पर भी रोक लगा दी जिसमें आकृति को 5 लाख रुपये मुआवजा देने और रकम DM की सैलरी समेत संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूलने की बात कही गई थी। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने यह अंतिरम आदेश मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

 

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अप्रैल के नोएडा प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

आकृति चौधरी को अप्रैल 2026 में नोएडा में औद्योगिक कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ NSA के तहत हिरासत का आदेश जारी किया गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को इस हिरासत को रद्द करते हुए कहा था कि पुलिस की रिपोर्ट में पर्याप्त विश्वसनीय सामग्री नहीं थी और NSA जैसे सख्त कानून का इस्तेमाल करने से पहले रिकॉर्ड की पूरी तरह जांच जरूरी थी। हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि आकृति के खिलाफ हिरासत का आदेश उचित तरीके से सामग्री की जांच किए बिना जारी किया गया। कोर्ट ने DM के आचरण पर टिप्पणी करते हुए अधिकारियों की संवैधानिक जिम्मेदारियों को लेकर भी कई बातें कहीं थीं।

हाईकोर्ट ने दिया था 5 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आकृति को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह रकम जिला मजिस्ट्रेट और हिरासत की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में IAS और IPS अधिकारियों की संविधान के प्रति जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया था।

 

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मेधा रूपम ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से दलील दी गई कि NSA के तहत हिरासत का फैसला केवल DM के स्तर पर नहीं लिया गया था।, बल्कि पूरी प्रक्रिया में कई स्तर शामलि थे।

7 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले के संबंधित हिस्सों पर रोक लगाई है। अदालत ने आकृति चौधरी को जवाब दाखिल करने की अनुमति भी दी है। मामले में आगे की सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अंतरिम है, यानी मामले के अंतिम नतीजे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।


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