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कल तमिलनाडु की मंत्री बनीं, आज विधायक की शपथ क्यों नहीं ले पाईं एस कीर्तना?

विधानसभा में मंत्री एस कीर्तना शपथ लेने जैसे ही पोडियम पर पहुंची, वह संबंधित अधिकारी को अपना निर्वाचन प्रमाणपत्र नहीं दिखा सकीं।

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मंत्री एस. कीर्तना। Photo Credit- Social Media

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एस. कीर्तना मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) से जीतकर विधायक बनी हैं। उन्होंने रविवार को विजय की सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। मगर, नई नवेली मंत्री कीर्तना सोमवार को राज्य विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ नहीं ले सकीं। एक अधिकारी ने बताया कि शपथ ग्रहण के लिए अनिवार्य 'निर्वाचन प्रमाणपत्र' पेश नहीं कर पाने की वजह से उन्हें विधायक पद की शपथ नहीं दिलवाई गई।

 

विधानसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण में देखा गया कि जब विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने माइक पर कीर्तना का नाम शपथ लेने के लिए पुकारा, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी के सामने बने मंच की ओर बढ़ीं। विधानसभा की परंपरा के अनुसार, शपथ लेने वाले विधायक प्रोटेम स्पीकर (कार्यवाहक अध्यक्ष) की ओर मुंह करके खड़े होते हैं। 

 

जैसे ही कीर्तना मंच के पास पहुंचीं, सचिव श्रीनिवासन ने हाथ उठाकर उनसे निर्वाचन प्रमाणपत्र मांगा। हालांकि, वह प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सकीं। श्रीनिवासन को उन्होंने क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है।

 

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अधिकारी ने दी पूरी जानकारी

पूरे घटनाक्रम के बारे में अधिकारी ने कहा, 'ऐसा लगता है कि उनके पास उस समय निर्वाचन प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण, वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शपथ लेने की अनुमति देने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। अब वह निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा करने के बाद किसी भी समय शपथ ले सकती हैं।'

 

 

 

 

अधिकारी ने बताया कि सभी विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपना प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से साथ लाएं। सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए भी यह बात साफ कर दी थी। 

दूसरे विधायक का प्रमाणपत्र ले आए आर कुमार

वेलाचेरी से तमिलगा वेत्री कझगम के विधायक आर. कुमार जब अपना निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा करने के बाद शपथ लेने ही वाले थे, तभी अधिकारी श्रीनिवासन ने उन्हें रोक दिया। श्रीनिवासन ने आर कुमार का ध्यान इस ओर दिलाया कि उनके द्वारा जमा किए गए प्रमाणपत्र पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज है। बाद में पता चला कि आर कुमार अपने पास बैठे अपनी ही पार्टी के एक अन्य विधायक का प्रमाणपत्र ले आए थे और अनजाने में उसे श्रीनिवासन को सौंप दिया था। इसके तुरंत बाद, कुमार अपनी सीट पर वापस गए और अपना निर्वाचन प्रमाणपत्र लाकर श्रीनिवासन को दिया।

 

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उन्होंने अधिकारी से अपने सहयोगी का प्रमाणपत्र वापस लेकर संबंधित विधायक को लौटा दिया। इसके बाद अधिकारी ने कुमार को शपथ लेने की अनुमति दी। कुमार ने वेलाचेरी सीट पर अपने प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक के एम. के. अशोक को 33,305 मतों से हराकर जीत दर्ज की है। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आसान मौलाना जेएमएच तीसरे स्थान पर रहे।

मुख्यमंत्री ने जमा किया प्रमाणपत्र

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय सहित सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने पहले अपने प्रमाणपत्र जमा किए और उसके बाद अधिकारियों के निर्देशानुसार संविधान के तहत पद की शपथ ली। कैबिनेट में नौवें स्थान पर काबिज कीर्तना, शपथ लेने के लिए आमंत्रित की जाने वाली अंतिम मंत्री थीं।

 

एस. कीर्तना शिवकाशी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अशोकन जी. को 11,670 मतों के अंतर से हराया है। पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के. टी. राजेंद्र बालाजी तीसरे स्थान पर रहे। तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान सदस्य संख्या 233 है। मुख्यमंत्री विजय ने पेरम्बलुर और तिरुचि पूर्व दोनों सीट से जीत दर्ज की थी, जिसमें से उन्होंने तिरुचि पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया है।

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