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असम का 'भू माफिया' कौन? CM हिमंत और गोगोई के झगड़े की इनसाइड स्टोरी

असम में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच नई तनातनी जमीन को लेकर है। हिमंत बिस्व सरमा, अवैध कब्जे वाली जमीनों खाली करा रहे हैं, कांग्रेस उन पर ही जमीन कब्जाने का आरोप लगा रही है।

Himanta Biswa Sarma

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा। Photo Credit: PTI

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई के बीच अवैध जमीन के कब्जे को लेकर ठन गई है। गौरव गोगोई का कहना है कि हिमंत बिस्व सरमा के करीबियों ने जमीनें कब्जाईं हैं, दूसरी तरफ असम सरकार ने हाल ही में असम-मिजोरम बॉर्डर के पास हैलाकांडी जिले में जंगल की जमीन से अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया है। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने बताया कि 912 एकड़ से ज्यादा जंगल की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई घरमोरा इनर लाइन रिजर्व फॉरेस्ट इलाके में दो दिनों में पूरी हुई। अधिकारी बताते हैं कि ज्यादातर लोग पहले ही जगह छोड़कर चले गए थे, इसलिए ज्यादा विरोध नहीं हुआ। यहां सुपारी और कुछ अन्य फसलों के बागान और अवैध मकान हटाए गए हैं। करीब 500 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं।

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असम में जमीनों पर तकरार क्यों शुरू हुई?

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एलान किया है कि वह 912 एकड़ से ज्यादा की जमीन हैलाकांडी में मुक्त कराया है। उनका कहना है कि सरकार हर इंच सरकारी और जंगल की जमीन को वापस लेने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान असम में 2021 से चल रहा है। सोनितपुर, नागांव, होजाई, धुबरी जैसे कई जिलों से हजारों एकड़ जंगल और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि यह सब फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट के तहत जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।

 Himanta Biswa Sarma

असम में हंगामा क्यों बरपा है?

असम में इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने 4 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरम और उनके परिवार ने पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा जमीन हड़प ली है। करीब 3,960 एकड़ जमीनों पर उनके करीबियों का कब्जा है। यह जमीन कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से कब्जाई गई है।

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कांग्रेस पर बौखलाए क्यों हैं हिमंत बिस्व सरमा?

कांग्रेस का कहना है कि अभी पड़ताल चल रही है, इसलिए यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि हिमंत बिस्व सरमा के परिवार ने जमीन का नेचर में बदलाव कराया है। कांग्रेस ने इस आरोप को मजबूत करने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की। वेबसाइट का नाम  www.whoishbs.com है। इसका मतलब 'हू इज हिमंत बिस्व सरमा' है। 

इस वेबसाइट पर हिमंत बिस्व सरमा पर लगे आरोपों से जुड़े विवरण को अपलोड किया जा रहा है। उन पर कांग्रेस कथित भ्रष्टाचार और जमीन हड़पने के आरोप लगा रही है। पार्टी ने असम के लोगों से अपील की है कि वे हिमंत सरमा परिवार की जमीन खरीद, अन्य गड़बड़ियों के सबूत, दस्तावेज अपलोड करें या जानकारी दें, जिसे प्रकाशित किया जा सके। 

क्यों सीएम हिमंत को भू माफिया बता रही कांग्रेस?

जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और देबब्रत सैकिया ने जैसे नेताओं ने आरोपों को लेकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि हिमंत बिस्व सरमा ने असम को 'फैमिली बिजनेस' बना दिया है। उनके परिवार की 17 कंपनियां हैं। सरकार ने अडाणी, अंबानी, पतंजलि जैसी कंपनियों को 40,000 बीघा से ज्यादा जमीन दी है। कांग्रेस का आरोप है कि हिमंत बिस्व सरमा को ठेकेदार टेंडर हासिल करने के लिए घूस देते हैं। उन पर 'हिमंत बिस्व सरमा टैक्स' लगाया जाता है।

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Gaurav Gogoi

क्या कह रहे हैं हिमंत बिस्व सरमा?

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया। उन्होंने X पर पोस्ट करके कहा कि वह 9 फरवरी 2026 से कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस करेंगे। उनके निशाने पर गौरव गोगोई, जितेंद्र सिंह अलवर, भूपेश बघेल और देबब्रत सैकिया हैं। वह सिविल और आपराधिक मानहानि, दोनों का केस दर्ज करने वाले हैं। 

हिमंत बिस्व सरमा, सीएम, असम:-
अगर उनके पास एक भी सबूत है तो कोर्ट में साबित करें। हिट एंड रन पॉलिटिक्स का दौर खत्म हो गया है। मैं गांधी परिवार के गुलामों की प्रोपगैंडा से नहीं डरता।

गौरव गोगोई ने क्या कहा है?

गौरव गोगोई ने जवाब में कहा कि हिमंत बिस्व सरमा की मानहानि का धमकी देना दिखा रहा है कि वह डर गए हैं, क्योंकि उनके भ्रष्टाचार और दौलत के राज जल्द खुलेंगे। उन्होंने कहा कि सरमा को जनता की अदालत में लड़ना चाहिए, न कि कानूनी शरण लेनी चाहिए।

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रंजीब कुमार शर्मा, प्रवक्ता, बीजेपी:-
उनके बयान में कितनी सच्चाई है? क्या इतना बड़ा जमीन का टुकड़ा रखना मुमकिन है, जबकि भारतीय कानूनों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति 50 बीघा से ज्यादा जमीन नहीं रख सकता? सीलिंग एक्ट की वजह से यह मुमकिन नहीं है। इसका मतलब है कि गौरव गोगोई को कानूनों की जानकारी नहीं है।

रंजीब शर्मा ने कहा, 'अगर गोगोई के पास कोई जानकारी है तो उन्हें कोर्ट जाना चाहिए, जैसे लोग रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कोर्ट गए थे। बोफोर्स से लेकर वाड्रा मामलों तक, लोग कोर्ट के दरवाजे खटखटा चुके हैं। अगर आपके पास दस्तावेज हैं तो उन्हें सामने लाने के लिए कोर्ट जाएं।'

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क्यों हो रहा है ऐसा?

असम में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक-दूसरे पर हमलावर हैं। हिमंत सरमा ने पहले गौरव गोगोई की पत्नी का पाकिस्तान कनेक्शन बताया था। अब कांग्रेस ने उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगा दिया है। हिमंत सरमा ने कहा है कि वह अब अदालत का रुख करेंगे। 


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