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मुंबई में BEST कर्मियों की हड़ताल, इसका अंबानी-अडाणी कनेक्शन क्या है?

BEST के कर्मचारियों के हड़ताल का एलान करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने MESMA लागू कर दिया है। पुलिस ने भी चेतावनी दी है कि तोड़फोड़ की तो सख्त कार्रवाई होगी।

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BEST की बसें, File Photo Credit: PTI

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में चलने वाली बृह्नमुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (BEST) की बसें आज प्रभावित हो सकती हैं। BEST के कर्मचारियों ने हड़ताल गुरुवार रात से ही हड़ताल कर दी है। सैलरी में देरी, प्राइवेटाइजेशन और कई अन्य मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने बस सेवा पूरी तरह से ठप करने का एलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि BEST के डिपो अब अंबानी, अडाणी को दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के एलान दो देखते हुए BEST ने कहा है कि उसने कोर्ट से आदेश ले लिया है और हड़ताल पर रोक लगाई है। महाराष्ट्र सरकार ने भी हड़ताल रोकने के लिए महाराष्ट्र एसेंशियल सर्विसेज मेंटनेंस ऐक्ट (MESMA) लागू कर दिया है।

 

इससे पहले कर्मचारियों के 12 यूनियन के एक संयुक्त संगठन BEST संयुक्त कामगार ने दादर में एक मीटिंग बुलाई थी और इस मीटिंग के बाद एलान किया कि गुरुवार रात से ही यह हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन तय समयसीमा में कोई कार्रवाई ही नहीं हुई।

 

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क्यों हड़ताल कर रहे हैं BEST के कर्मचारी?

कर्मचारियों की मुख्य मांग सैलरी और पेंशन में देरी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के कम पैसे और उसके भी मिलने में देरी है। इसके अलावा एक मांग यह भी है कि BEST के बजट को BMC के बजट में ही मर्ज कर दिया जाए। साथ ही, कानूनी वजहों से जिन रिटायर्ड कर्मचारियों के पैसे रुके हैं, उनके पैसे वन टाइम सेटलमेंट के जरिए दिए जाएं। सातवां वेतन आयोग लागू करने, परिवहन और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों वाला सिस्टम खत्म करने और कई अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है।

इसके अलावा खाली पदों को भरने, बसों की संख्या 6000 तक करने और इनका मालिकाना हक BEST के पास रखने, योग्य कर्मियों का प्रमोशन करने और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को खारिज करने की भी मांग की जा रही है।

हड़ताल रोकने की कोशिश

BEST प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार की कोशिश है कि इस हड़ताल को कैसे भी रोका जाए। यही वजह है कि BEST के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि एक इंडस्ट्रियल कोर्ट ने BEST के पक्ष में फैसला दिया है और हड़ताल पर रोक लगाई है। मुंबई पुलिस ने भी चेतावनी जारी की है कि अगर कोई भी शख्स पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बाधा पहुंचाएगा या फिर संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

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पुलिस ने महाराष्ट्र सरकार की ओर लागू किए गए MESMA का भी हवाला दिया है जिसमें हड़ताल को अवैध बताया गया है। वहीं, श्रमिक उत्कर्ष सभा और BEST कामगार यूनियन नाम के दो संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी भी बनाई है। रोचक बात है कि इन दोनों सगठनों के नेता प्रसाद लाड और शशांक राव बीजेपी से जुड़े हुए हैं। 


क्या है अडाणी-अंबानी कनेक्शन?

इसके बारे में BEST कर्मचारी यूनियन के नेता रंगनाथ सातवसे ने कहा, 'पहला मुद्दा तो यह है कि BEST के रिटायर हुए कर्मचारियों को 2022 से ही पैसे नहीं मिल रहे हैं। दूसरा मुद्दा है कि जो वेटलिस्ट वाले कामगार हैं उनको न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही है और यह जिम्मेदारी शासन की है। तीसरा मुद्दा है कि जो ऑनरोल कर्मचारी हैं उनकी सैलरी भी समय से नहीं मिल रही है।'

उन्होंने आगे कहा, 'BEST के दो डिपो धारावी और कालाकिल्ला तो पहले ही अंबानी और अडाणी को दे दिए गए। अब यह मुद्दा आ रहे है कि सारे डिपो का विकास पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि इन सारे डिपो को 99 साल के लिए लीज पर देने का वादा सरकार कर रही है। ऐसी स्थिति में BEST चलेगी या नहीं यह चिंता कामगारों को सता रही है। हमारी मांग है कि BEST के बजट को महापालिका के बजट में विलीन किया जाए। मीटिंग के बाद हमें कुछ कहना ही नहीं पड़ा और हमने निर्णय लिया है कि हम BEST  को बंद रखेंगे।'

 

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कितना होगा असर?

बता दें कि BEST ना सिर्फ बसें चलवाता है बल्कि मुंबई के 10 लाख से ज्यादा परिवारों को बिजली की सप्लाई भी यही करता है। हर दिन लगभग 25 लाख लोग BEST की बसों में सफर करते हैं। कुल 2700 से ज्यादा बसों में से 243 खुद BEST की हैं और बाकी बसें प्राइवेट ऑपरेटर्स की हैं।

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