#one nation one election

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'एक देश एक चुनाव' पर JPC की बैठक से क्या निकला?
भारतीय जनता पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है। बीजेपी का कहना है कि देश के लोग इस चुनाव के पक्ष में हैं, वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतंत्र और देश के संघवाद दोनों के लिए खतरा है।
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वन नेशन वन इलेक्शन के लिए गठित JPC के सदस्य घोषित, पढ़ें नाम
वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता बीजेपी से सांसद पीपी चौधरी करेंगे। वह राजस्थान के पाली से लोकसभा सांसद हैं।
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एक देश एक चुनाव: क्या है JPC, कैसे काम करती है, जरूरी क्यों?
'एक देश एक चनाव' विधेयक पर बने संयुक्त संसदीय समिति में लोकसभा के 21 सदस्य और राज्य सभा के 10 सदस्य शामिल हैं। समिति में प्रियंका गांधी को भी जगह मिली है। कितनी ताकतवर होती है संसदीय समिति, समझिए पूरी कहानी।
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'एक देश-एक चुनाव' के फायदे और नुकसान क्या हैं?
संसद में एक देश एक चुनाव विधेयक पर हंगामा बरपा है। इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों को इस प्रस्तावित विधेयक पर ऐतराज है। विपक्षी दलों का कहना है कि इस विधेयक से संघीय ढांचे को को नुकसान पहुंचेगा।
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एक देश एक चुनाव बिल से विपक्ष को ऐतराज क्यों?
एक देश-एक चुनाव को संविधान के 129वें संशोधन विधेयक के जरिए लाया जाएगा। संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति के सामने यह विधेयक पेश किया जा सकता है।
राजनीति
एक राष्ट्र एक चुनाव BJP की चुनावी जुगाड़ योजना: अखिलेश यादव
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने इससे पहले गुरुवार को इस मुद्दे पर बीजेपी और उसकी सरकार की नीतियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
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'वन नेशन वन इलेक्शन' के पहले की पूरी क्रोनोलॉजी समझ लीजिए
देश ने वन नेशन वन इलेक्शन की ओर कदम तो बढ़ाया है लेकिन अभी इस रास्ते में तीन बड़ी बाधाएं हैं। आइए समझते हैं कि आखिर क्या-क्या होने के बाद ही यह लागू होगा।
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