logo

मूड

ट्रेंडिंग:

स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं? जानें सरकारी फंडिंग और बैंक लोन लेने का तरीका 

अगर आप मिलकर छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो एसएचजी बना सकते हैं। जानिए एसएचजी बनाने, बैंक खाता खोलने और सरकारी मदद या बैंक लोन पाने का आसान तरीका।

AI generated image

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

अगर गांव या आसपास की कुछ महिलाएं मिलकर अपना छोटा काम शुरू करना चाहती हैं तो स्वयं सहायता समूह यानी SHG बनाया जा सकता है। SHG में सदस्य मिलकर हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं और जरूरत पड़ने पर इसी पैसे से समूह के सदस्यों को छोटी रकम उधार भी दी जा सकती है। आगे चलकर यही समूह बैंक से लोन और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए भी आवेदन कर सकता है।

 

सरकार ग्रामीण महिलाओं को SHG के जरिए रोजगार और अपना काम शुरू करने के लिए बढ़ावा देती है। इसके लिए केंद्र सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) एक बड़ी योजना है। इसके तहत SHG को ट्रेनिंग, बैंक से जोड़ने और कारोबार के लिए वित्तीय मदद तक पहुंच बनाने में सहायता दी जाती है। जुलाई 2026 तक देश में 92 लाख SHG बनाए जा चुके हैं और इनमें 10.05 करोड़ ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं।

 

यह भी पढ़ें: खाने का ऑर्डर और होटल बुकिंग अब Google Maps से होगी, जान लीजिए तरीका

SHG बनाने के लिए क्या करना होगा?

SHG आमतौर पर ऐसे लोगों का छोटा समूह होता है जो मिलकर बचत और कमाई से जुड़ा काम करना चाहते हैं। बैंकिंग नियमों में SHG में सामान्य तौर पर 10 से 20 सदस्य होने की बात कही गई है। समूह बनने के बाद सदस्य नियमित बैठक करते हैं, बचत करते हैं, जरूरत के हिसाब से एक-दूसरे को पैसा उधार देते हैं और पूरे लेनदेन का हिसाब रखते हैं। समूह बनाने के बाद उसके सदस्यों को मिलकर समूह के नियम तय करने होते हैं। इसमें हर महीने कितनी बचत होगी, बैठक कब होगी, जरूरत पड़ने पर सदस्य को कितना पैसा दिया जाएगा और पैसे का हिसाब कौन रखेगा जैसी बातें तय की जा सकती हैं।

बैंक में SHG का खाता कैसे खुलेगा?

समूह बनने के बाद उसका बैंक में बचत खाता खुलवाया जा सकता है। इसके लिए बैंक में SHG के नाम से खाता खोला जाता है और बैंक की KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक SHG का बैंक खाता खोलने के लिए सभी सदस्यों की KYC एक साथ करना जरूरी नहीं है। समूह के पदाधिकारियों की KYC से भी खाता खोला जा सकता है।

 

यह भी पढ़ें: मुफ्त में डाउनलोड करें e-PAN, आधार और मोबाइल नंबर से मिनटों में मिलेगा कार्ड

SHG को सरकारी फंडिंग कैसे मिलती है?

SHG को आर्थिक मदद पाने के लिए सिर्फ समूह बना लेना ही काफी नहीं होता। समूह को नियमित रूप से काम करना और अपनी बचत व लेनदेन का सही रिकॉर्ड रखना होता है। इसके बाद समूह को बैंक से जोड़ा जा सकता है और जरूरत के हिसाब से बैंक लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।

 

DAY-NRLM के तहत SHG को फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता दी जाती है। इसके अलावा बैंक के जरिए SHG को कारोबार या आजीविका के लिए लोन भी मिल सकता है। सरकारी योजना के तहत मदद और बैंक लोन की राशि हर समूह के लिए एक जैसी नहीं होती इसलिए इसे सीधे एक तय रकम की सरकारी फंडिंग समझना सही नहीं होगा।

बैंक से लोन लेने के लिए क्या जरूरी है?

SHG को सरकारी मदद या बैंक से लोन लेने के लिए बैंक से जुड़ना जरूरी होता है। इसके लिए समूह का नियमित रूप से चलना, बचत करना और पैसों का सही हिसाब रखना जरूरी है। बैंक समूह के काम और रिकॉर्ड को देखकर लोन देने का फैसला करता है।

 

इस काम में बैंक सखी भी मदद करती हैं। बैंक सखी SHG का बैंक खाता खुलवाने, बैंक से जोड़ने और लोन के लिए आवेदन करने में मदद कर सकती हैं। अगर लोन का आवेदन अटका हुआ है तो उसकी जानकारी लेने में भी बैंक सखी मदद करती हैं।

 

यह भी पढ़ें: बारिश के मौसम में खराब न हो जाए बाइक और कार, देखभाल का सबसे आसान तरीका जानिए

SHG के पैसे से कौन-सा काम शुरू कर सकते हैं?

SHG के सदस्य अपनी जरूरत और आसपास की मांग के हिसाब से काम शुरू कर सकते हैं। इसमें सिलाई, डेयरी, पशुपालन, खेती, अचार-मसाले बनाना, छोटी दुकान, हस्तशिल्प और दूसरे छोटे कारोबार शामिल हो सकते हैं। सरकारी योजनाओं का मकसद सिर्फ समूह से बचत करवाना नहीं है। इसके जरिए सदस्यों को ट्रेनिंग, बैंक से लोन और अपना काम शुरू करने में मदद दी जाती है ताकि उनकी कमाई बढ़ सके।


और पढ़ें