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'बूथ अध्यक्ष को मारेंगे तो बचेगा कौन...', यूपी BJP में एक एनकांउटर पर मचा बवाल

यूपी के आजमगढ़ जिले में 29 मार्च को एनकाउंटर हुआ था। अब बीजेपी के स्थानीय नेता, सरकार और पुलिस से ही नाराज हो गए हैं। पढ़ें माजरा।

Noida

अभिषेक सिंह और देवेंद्र प्रताप सिंह। Photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 29 मार्च को हुए एक एनकाउंटर पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अपनी ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि अगर, पुलिस से बीजेपी का बूथ अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं है फिर कौन सुरक्षित होगा। पहले करणी सेना ने भी इसी एनकाउंटर को लेकर यूपी सरकार को घेरा था। 

भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य ने सबसे पहले इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग, संजय प्रसाद को फोन किया।
 

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देवेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार को क्यों घेरा?

देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, 'पुलिस ने फर्जी हाफ एनकाउंटर कर दिया। 12.40 पर घर से उठाए, इधर-उधर घुमाया फिर आंख पर पट्टी बांधकर गोली मार दी थी। फर्जी FIR कर दी, यह खराब बात है।'

देवेंद्र प्रताप सिंह, MLC, बीजेपी:-
अगर बूथ अध्यक्ष का एनकाउंटर हुआ तो बचेगा कौन। 

उन्होंने संजय प्रसाद से कहा, 'इसमें मैं आपको ट्विटर पर टैग किया है, कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के खिलाफ होनी चाहिए। जो लोग इसमें शामिल हैं, सबके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।'

देवेंद्र प्रताप सिंह, MLC, बीजेपी:-
कार्रवाई करने का अधिकार आपका और डीजी का है। इससे गंभीर कोई बात नहीं हो सकती है कि बूथ अध्यक्ष का हमारी सरकार में एनकाउंटर हो गया।  

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देवेंद्र प्रताप सिंह की चिट्ठी में क्या है?

देवेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि आजमगढ़ जिले के ग्राम चकवाल चंद, थाना जीयनपुर के रहने वाले बीजेपी बूथ अध्यक्ष श्रवण उर्फ अभिषेक सिंह को पुलिस ने 28 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12:40 बजे उनके घर से जबरन उठा लिया। अगले दिन 29 मार्च 2026 को जीयनपुर कोतवाली में उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया और हाफ एनकाउंटर कर उन्हें गोली मार दी गई।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने लिखा, 'अभिषेक सिंह को जेल भेज दिया गया। परिवार और बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, लेकिन पुलिस ने बाद में उस रिकॉर्डिंग को नष्ट कर दिया। इस घटना से आजमगढ़ में काफी गुस्सा और विरोध फैल गया है।'

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बूथ अध्यक्ष को अपराधी बताकर फंसा दिया

देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बीजेपी के बूथ अध्यक्ष को अपराधी बताकर फंसाया गया और फर्जी एनकाउंट किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से अपील की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के साथ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी दावा किया है कि पुलिसकर्मिों ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि गलत आरोप मढ़ दिए।

क्या चाहते हैं बीजेपी नेता?

देवेंद्र सिंह का दावा है कि पुलिस अधीक्षक इसके लिए जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बीजेपी के क्षेत्र अध्यक्ष सहजानंद राय सहित कई नेता पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं। अब इस मामले पर हंगामा बढ़ता जा रहा है। 

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किस केस में गिरफ्तारी हुई है?

25 मार्च को शिवाजी नगर के हीरा पट्टी में जियो कंपनी के एक एरिया मैनेजर के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में आरोपी धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह पर आरोप लगे थे। पुलिस ने अभिषेक सिंह के खिलाफ दबिश दी और एक एनकाउंटर के बाद उन्हें पकड़ लिया। अभिषेक सिंह के बाएं पैर में गोली लगी है। 

पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना पर मोहती घाट इलाके में घेराबंदी की थी। 3 लोग बाइक पर आ रहे थे, कथित तौर पर उन्होंने पहले पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस, चोरी की बाइक और लैपटॉप बरामद किया था। पुलिस के दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं। 


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