जिन बैंकों में आप पैसे जमा करते हैं, वे आपको ब्याज तो देते हैं लेकिन कई बार सुविधाओं के नाम पर पैसे काट लेते हैं। कुछ बैंकों में एक निश्चित रकम खाते में रखनी होती और ना रखने पर जु्र्माना देना पड़ता है। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि इसी तरह के जुर्माने से देश के बैंक हर दिन लगभग 20 करोड़ रुपये कमाते हैं। इस जुर्माने के अलावा, ये बैंक ATM चार्ज, डेबिट कार्ड चार्ज और कई अन्य सुविधाओं के लिए भी ग्राहकों से पैसे लेते हैं। सिर्फ डेबिट कार्ड के लिए बैंकों ने एक साल में 7563 करोड़ रुपये की फीस वसूली है।
वित्त मंत्रालय ने संसद में दिए जवाब में बताया है कि 73 करोड़ बैंक खाते बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट खाते (BSBDA) हैं। इसी कैटगरी में प्रधानमंत्री जन धन योजना वाले खाते भी आते हैं और इन खातों में मिनिमम बैलेंस ना होने पर कोई पैसा नहीं कटता। साथ ही, इन खातों के खाताधारकों से एटीएम चार्ज या कोई अन्य शुल्क भी नहीं लिया जाता है।
कैसे सामने आई जानकारी?
राज्यसभा सांसद अब्दुल वहाब ने 28 जुलाई को इससे जुड़े सवाल पूछे थे। इसी का जवाब वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लिखित रूप में दिया है। अब्दुल वहाब ने पूछा था कि पब्लिक सेक्टर बैंक और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने पिछले 5 साल में मिनिमम बैलेंस ना रखने पर कितना पैसा वसूला है। साथ ही, एटीएम चार्ज, डेबिट कार्ड चार्ज और मेंटनेंस फीस के लिए कितने पैसे वसूले गए।
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वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और पब्लिक सेक्टर बैंक (PSBs) के आंकड़ों के आधार पर जवाब दिया है। साथ ही, यह भी बताया है कि 12 में 10 पब्लिक सेक्टर बैंक ऐसे हैं जिन्होंने सेविक अकाउंट में मिनिमम एवरेज बैलेंज ना रखने पर जुर्माना लगाना बंद कर दिया है। 2 बैंक ऐसे हैं जिन्होंने इस जुर्माने में बदलाव किया है।
बैंकों ने कितना कमा लिया?
अगर सिर्फ पब्लिक सेक्टर के 12 बैंकों की बात करें तो इन बैकों ने चालू खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से मोटा जुर्माना वसूला है। साल 2025-26 में सबसे ज्यादा स्टेट बैंक ने 477.27 करोड़ रुपये वसूले हैं। दूसरे नंबर पर बैंक ऑफ बड़ौदा है और उसने 394.10 करोड़ रुपये पसूले हैं। अगर साल के हिसाब से देखें तो 2021-22 में 1802.64 करोड़, 2022-23 में 2407.82 करोड़, 2023-24 में 2909.10 करोड़, 2024-25 में 2775.91 करोड़ और साल 2025-26 में 2137.92 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। ध्यान रहे कि यह सिर्फ सरकारी बैंकों की ओर से वसूला गया जुर्माना है।
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अगर प्राइवेट बैंकों की बात करें तो 25 में से 20 ऐसे हैं जिन्होंने कोई जुर्माना नहीं वसूला। बाकी के 20 बैंको में से सबसे ज्यादा जुर्माना HDFC ने वसूला। साल 2025-26 में ही HDFC ने कुल 1798.14 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला। इन प्राइवेट बैंकों ने 2022-23 में 3171.96 करोड़, 2023-24 में 3620.07 करोड़, 2024-25 में 4198.88 करोड़ और 2025-26 में 4948.71 करोड़ रुपये वसूले हैं।
अगर सरकार और प्राइवेट बैंकों को मिला दें तो 2025-26 में कुल 7086.63 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। यानी हर दिन लगभग 20 करोड़ रुपये। इसी तरह 2022-23 में 5579.78 करोड़, 2023-24 में 6529.17 करोड़, 2024-25 में 6974.79 करोड़ रुपये का जुर्माना सिर्फ खाते में मिनिमम बैलेंस ना रखने की वजह से वसूला गया है।
