भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग हैं। उनके गाने रिलीज होते ही यूट्यूब पर ट्रेंड करने लगते हैं जिनके मिलियन में व्यूज है। खेसारी सिर्फ अपनी प्रोफेशनल ही नहीं पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहते हैं।

 

उनका नाम अभिनेत्री काजल राघवानी के संग जुड़ा था। एक समय था जब दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया था। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री लोगों को खूब पंसद थी। बाद में दोनों का ब्रेकअप हो गया। अब दोनों अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

 

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काजल संग खेसारी क्यों नहीं करते काम?

जिंगाबाद को दिए इंटरव्यू में खेसारी ने कहा कि जब मेरे लिए उस समय सही थी तो आज कैसे गलत हो गया। उन्होंने उस समय इतना कुछ बोल दिया कि अब डायरेक्टर, प्रोड्यूसर भी उनके पास नहीं जाते कि खेसारी के साथ काम करना है। अब सब यही बात करते हैं। मुझे उनसे बात करने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ी। अब मैं इतना अच्छा नहीं हूं कि उनके साथ काम करूं और यह चीज उनके लिए और गलत हो जाएगी।

मर्दों को प्यार नहीं होता

जब खेसारी से पूछा गया कि आपको प्यार हुआ है? इस पर खेसारी ने कहा, 'क्यों नहीं प्यार होता है सर, मैं झूठ नहीं बोलता। प्यार एक इमोशन, एक लगाव होता है। मर्दों को प्यार नहीं होता है सर, आदत लगती है। प्यार तो कहीं हो जाता है, आदत हर जगह नहीं लगती है। एक आदत होती है वह नहीं छूटती है। एक समय पर सब छूठ जाता है। हमें अपने प्रोफेशन से प्यार है, हमें अपने मां-बाप से प्यार है, हमें उस व्यक्ति से प्यार है जिसे आज भी छोड़कर आए हैं।'

 

 

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उन्होंने आगे कहा, 'आपको जब प्यार होता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह गलत ही होता है। हर प्यार गलत नहीं होता है। कुछ प्यार तो ऐसे होते है अपने आपको कुर्बान कर देते हैं। एक मां अपनी बेटे के लिए अपनी खूबसूरती छोड़ देती है। वह भी प्यार ही है। वह सुंदरता का मोह नहीं करती हैं, मेरा शरीर खराब हो जाएगा। हर प्यार का अपना मतलब है, हर प्यार की अपनी पहचान है। अब उस प्यार को किस तरह से लेते हैं। हम जब प्यार करते हैं तब दुनिया नहीं जानती है। तब तो हम सोना बेबी हो जाते हैं। जब हटते हैं तो सर पूरी दुनिया के सबसे गंदे इंसान हम ही हो जाते हैं। चाहे वह लड़के की तरफ से हो या लड़की की तरफ से हो क्योंकि मुझे अपने आप को सही साबित करना है। जैसे राम के चरित्र को अच्छा बताया तभी तो रावण का कैरेक्टर खराब हो गया। अगर राइटर राम को गलत बताता तो शायद रावण अच्छा लगता।'