मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की तरफ से चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 18 सितंबर को इसकी घोषणा की। संतोष दावखर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की ओर से ऑस्कर में जाएगी। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र की पुरानी लोक परंपरा ‘गोंधल’ के आसपास घूमती है।

 

‘गोंधल’ को ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद फिल्म एक बार फिर चर्चा में आ गई है। फिल्म नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसकी कहानी महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाके में एक रात होने वाली गोंधल की रस्म के बीच आगे बढ़ती है। फिल्म में रिश्तों, प्यार, धोके और छिपे हुए राज को थ्रिलर अंदाज में दिखाया गया है।

 

यह भी पढ़ें: तमन्ना भाटिया का ‘छठी मैया’ वाला गाना छा गया, छठ से पहले खूब हो रही तारीफ

क्या है ‘गोंधल’ की कहानी?

फिल्म की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र में रहने वाली सुमन नाम की लड़की की है। सुमन की शादी आनंदराव से होने वाली है। आनंदराव सीधा-सादा युवक है लेकिन शादी से पहले ही सुमन का पुराना प्यार उसकी जिंदगी में फिर से लौट आता है। उसका पुराना प्रेमी सरजेराव गांव के एक बड़े परिवार से है और वह सुमन को अब भी भुला नहीं पाया है।

 

सुमन और सरजेराव पहले एक-दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन सरजेराव के परिवार की दहेज की मांग की वजह से दोनों की शादी नहीं हो पाई। इसके बाद सुमन को आनंदराव से शादी के लिए तैयार होना पड़ा। वह पुरानी बातों को भूलकर नई जिंदगी शुरू करना चाहती है लेकिन सरजेराव उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।

 

कहानी में एक रात होने वाला ‘गोंधल’ समारोह भी अहम है। यह महाराष्ट्र की पुरानी धार्मिक लोक परंपरा है जिसमें पूजा, गाना, नाच और ढोल जैसी चीजें शामिल होती हैं। इसी समारोह के बीच सुमन उसके पुराने प्यार और उसकी नई शादी से जुड़े कई राज सामने आने लगते हैं और कहानी थ्रिलर का रूप ले लेती है। फिल्म में इशिता देशमुख, किशोर कदम, योगेश सोहनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु और सुरेश विश्वकर्मा जैसे कलाकार हैं। फिल्म को संतोष दावखर ने लिखा और डायरेक्ट किया है जबकि इसका संगीत मशहूर संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है।

 

यह भी पढ़ें: 'जानकारी न हो तो मत बोलो', स्वरा भास्कर के ‘जौहर’ बयान पर खफा मैथिली

ऑस्कर के लिए चुनी गई चौथी मराठी फिल्म

‘गोंधल’ ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से चुनी जाने वाली चौथी मराठी फिल्म है। इससे पहले ‘श्वास’ 2005 में, ‘हरिश्चंद्राची फैक्ट्री’ 2009 में और ‘कोर्ट’ 2015 में भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजी गई थीं। ‘गोंधल’ का सफर सिर्फ ऑस्कर तक पहुंचने तक नहीं है। फिल्म को पहले ही कई फिल्म फेस्टिवल में पहचान मिल चुकी है। 

 

2025 में IFFI में संतोष दावखर को बेस्ट डायरेक्टर का सिल्वर पीकॉक मिला। इसके बाद 2026 में पुणे फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सिनेमैटोग्राफर का अवॉर्ड मिला। बेंगलुरु फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म को FIPRESCI अवॉर्ड मिला। अब ‘गोंधल’ ऑस्कर की आगे की रेस में शामिल होगी। भारत की तरफ से फिल्म का चुना जाना ऑस्कर नॉमिनेशन मिलने के बराबर नहीं है। पहले फिल्म शॉर्टलिस्ट की रेस में जाएगी और उसके बाद फाइनल नॉमिनेशन तय होंगे।  जानकारी के लिए आपको बता दें कि 99वें ऑस्कर अवॉर्ड्स 14 मार्च 2027 को होने हैं।