ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में भारत भी शामिल होगा। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरान सरकार की ओर से निमंत्रण भेजा गया था लेकिन पहले से तय विदेश दौरे के कारण वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

 

प्रधानमंत्री मोदी जुलाई की शुरुआत में इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर रहेंगे। ऐसे में भारत सरकार ने आधिकारिक प्रतिनिधित्व के लिए बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री को ईरान भेजने का फैसला किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

 

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4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत 4 जुलाई से होगी। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद राजधानी तेहरान और धार्मिक शहर कोम में सार्वजनिक शोक यात्राएं निकाली जाएंगी। वहीं, इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे कार्यक्रम को कई चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

 

अंतिम दफन समारोह 9 जुलाई को ईरान के मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में होगा। मशहद अयातुल्ला खामेनेई का पैतृक शहर भी है। इससे पहले यह समारोह मार्च में आयोजित होना था लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब अंतिम संस्कार के कार्यक्रम कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

 

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भारत की ओर से दो वरिष्ठ नेता करेंगे प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों नेता अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होकर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसे भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनयिक संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।