अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक 18 साल का भारतीय युवक अपने परिवार के साथ घोड़ागाड़ी पर सवार था। इसी दौरान वह घोड़ागाड़ी से गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारियां शुरू हो गईं। इसके तहत न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने जून 2028 से घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े बिल को मंजूरी दी। इस पर वोटिंग भी हुई, जिसमें 40 सदस्यों ने प्रतिबंध के समर्थन में वोट किया, जबकि 7 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट दिया।
भारत के 18 साल के रोमांच महाजन जून 2026 में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क सिटी घूमने गए थे। 17 जून को रोमांच अपने परिवार के साथ घोड़ागाड़ी की सवारी कर रहे थे। घोड़ागाड़ी का ड्राइवर कुछ देर के लिए वहां से हट गया। तभी घोड़ा अचानक बेकाबू हो गया और तेज रफ्तार से भागने लगा। इससे रोमांच घोड़ागाड़ी से नीचे गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इन्हीं चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद घोड़ागाड़ी की सवारी पर रोक लगाने को लेकर सवाल उठने लगे थे।
यह भी पढ़ें: 'अमीर होंगे तब घर आएंगे', इंस्टाग्राम रील देखकर आगरा के 3 बच्चे घर छोड़कर भागे
न्यूयॉर्क घूमने गए थे रोमांच
रोमांच के परिवार के मुताबिक, रोमांच ने हाल ही में अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क घूमने आए थे, जहां उनके साथ यह दर्दनाक हादसा हुआ।
जब न्यूयॉर्क सिटी हॉल में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बैठक हुई, तब रोमांच के परिवार ने भी इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान रोमांच के पिता दीपक महाजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी राय रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घोड़ागाड़ियों के खिलाफ कड़ा कानून बनाकर इस परंपरा को खत्म किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: दशहरा पर दिल्ली-नोएडा के कई रास्ते बंद, घर से निकलने से पहले जान लें रूट
घोड़ागाड़ी कारोबार को होगा नुकसान
इस बिल को कानून बनने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के लोगों ने कहा कि जैसे ही यह कानून लागू होगा, वे इस पर अस्थायी रोक लगाने की मांग करेंगे। वहीं, बिल के तहत शहर में अप्रैल तक घोड़ागाड़ी चलाने वाले कर्मचारियों के लिए काम बदलने की योजना बनाई जाएगी।
इसके साथ ही घोड़ागाड़ी संचालकों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि वे घोड़ों की देखभाल सही ढंग से कर सकें। इसी मुद्दे पर घोड़ागाड़ी कारोबारियों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर यह बिल कानून बन गया, तो वे इसे रोकने के लिए अदालत का रुख करेंगे।
