जिस आंतकवाद को पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ पाल रहा है, उन्हीं आतंकियों ने पाकिस्तान को गहरा जख्म दिया है। पाकिस्तान कराची में हुए आतंकी हमले के बाद खौफ में है। कराची के सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर आतंकी हमला हुआ है। पाकिस्तानी सेना ने छह आतंकवादियों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को जिंदा पकड़ लिया है।
कराची आंतकी हमले में अर्ध सैनिक बल के चार जवानों की भी मौत हो गई। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक आतंकी शनिवार रात लगभग 8:30 बजे कराची के घनी आबादी वाले गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में पहुचे। वहीं सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय है। आतंकियों ने निशाना बनाकर यहीं हमला किया।
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90 मिनट तक कराची में होती रही गोलीबारी
करीब 90 मिनट तक हुई भीषण मुठभेड़ में स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SCU) के कमांडो और एंटी टेरर फोर्स (ATF) ने भी रेंजर्स के साथ मिलकर आतंकवादियों से मुकाबला किया जिसमें छह आतंकवादी मारे गए जबकि एक घायल आतंकी को जीवित पकड़ लिया गया। हमले में चार रेंजर्स भी मारे गए।
हमले के पीछे कौन सा संगठन जिम्मेदार है?
भीषण गोलीबारी के बीच सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर और आसपास की सड़कों को बंद कर दिया। स्थानीय लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई, जबकि आसपास के कुछ इलाकों में बिजली भी बंद कर दी गई। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है। यह संगठन टीटीपी का एक चरमपंथी गुट है, जो मुख्य रूप से पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय है और नागरिकों, सुरक्षा बलों तथा सरकारी अधिकारियों पर हमले करता रहा है।
क्यों पाकिस्तान के लिए डरने की बात है?
अक्टूबर 2024 के बाद से कराची में यह पहला बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले कराची हवाई अड्डे के निकट हुए आत्मघाती विस्फोट में दो चीनी इंजीनियर की मौत हो गई थी। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली थी।
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कैसे कराची में कहर मचाते रहे आतंकी?
आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मेन गेट को तोड़ दिया, वहीं से हमला करने लगे। उन्होंने अंदर दाखिल होते ही हथगोले फेंके, जिसकी वजह से एक के बाद एक कई धमाके हुए। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने कहा कि हमले में तीन रेंजर्स के मारे जाने की सूचना है।
अब आगे क्या?
हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियां अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर टीटीपी को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने और सीमा पार से हमले कराने का लगातार आरोप लगाती रही हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान की सेना ने भी अफगानिस्तान के भीतर टीटीपी के कथित ठिकानों और प्रशिक्षण शिविरों पर कई बार कार्रवाई की है।


