इजरायल पर गाजा में मानवसंहार के आरोप लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि करीब 20 हजार बच्चों को इजरायल मार चुका है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के तहत काम करने वाले 'कब्जा किये गए फलस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग' ने अपनी रिपोर्ट में इजरायल पर जान-बूझकर बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। हालांकि इजरायल ने यूएन के मानवसंहार वाले आरोपों का खंडन किया है। उसने कहा कि युद्ध में जान-बूझकर किसी आम नागरिक को निशाना नहीं बनाया गया है।

 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से जुड़े आयोग ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा कि अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के मध्य मारे गए फलस्तीनियों में से लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 20 हजार बच्चे थे। आयोग ने आशंका जता है कि अभी और भी बच्चे लापता हैं। उन्हें गुमनाम पहचान वाली कब्रों में दफनाया गया है।

 

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लगातार अनदेखी कर रहा इजरायल

फलस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर ने कहा, 'अक्टूबर 2025 में लागू संघर्ष-विराम के बाद भी बच्चे मारे जा रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, क्योंकि इजराइल संघर्ष-विराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फलस्तीनी बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी की लगातार अनदेखी कर रहा है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा कि गाजा में बच्चों पर इस संघर्ष का जो असर पड़ा है, वह युद्ध अपराध और मानवसंहार की श्रेणी में आता है। 

 

इजरायल ने अपने चिर परिचित अंदाज में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को खारिज किया। उसने दावा किया कि किसी भी बेगुनाह नागरिक को नहीं मारा गया है। मानवसंहार के दावों को इजरायल ने मनगढ़ंत करार दिया। 

 

बता दें कि इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। हाल ही में इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरेस के कार्यालय से अपना संपर्क तोड़ दिया है। इतना ही नहीं अपने देश में एंटोनियो को अवांछित घोषित कर दिया है। मतलब साफ है कि एंटोनियो गुटेरेस इजरायल की यात्रा नहीं कर सकते हैं। 

 

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इजरायल को बदनाम करना मकसद

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट झूठी और मनगढ़ंत हैं। इसमें जो दावे किए गए हैं, उनकी पुष्टि नहीं हुई है। मंत्रालय ने आयोग की आलोचना की और कहा यह बुनियादी तौर पर ही गलत व्यवस्था है। इसका मकसद सच का पता लगाने के बजाय इजराइल को निशाना बनाना और उसे बदनाम करना है।