राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के तीन देशों के दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में उनके कार्यक्रम के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। शनिवार रात मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर प्रो-खालिस्तान समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय प्रवासियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को नीचे गिराकर फाड़ दिया और उसे पैरों से रौंदा।
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार और उसके नेतृत्व के खिलाफ नारे भी लगाए। कार्यक्रम के बाहर मौजूद लोगों ने तिरंगे के अपमान पर आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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पन्नू के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
यह प्रदर्शन प्रतिबंधित संगठन सिख्य फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू के नेतृत्व में हुआ। इसके अलावा कई नागरिक अधिकार और अंतरधार्मिक संगठनों के गठबंधन ने भी कार्यक्रम स्थल के बाद विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने RSS की विचारधारा और भारत सरकार की नीतियों को लेकर अपना विरोध जाताय। पन्नू ने RSS और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भारत को हिंदू बहुसंख्यक राष्ट्र बनाने के लिए वैचारिक एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने इसी मुद्दे को लेकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
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तिरंगे के अपमान पर भड़के लोग
प्रदर्शन के दौरान भारतीय झंडे के साथ किए गए व्यवहार को लेकर कार्यक्रम में मौजूद भारतीय प्रवालियों और भागवत के समर्थकों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच तीखी बहस होने लगी। विरोध और नारेबाजी के कारण कार्यक्रम स्थल के बाहर कुछ समय के लिए माहौल तनावपुर्ण रहा। हालांकि, कार्यक्रम के अंदर मोहन भागवत का संबोधन जारी रहा।
