अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने लगा है। दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल हमलों का अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाब दिया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकर को तबाह करने का दावा किया है।
सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'आईआरजीसी को यह संदेश साफ होना चाहिए कि अगर आप हमारे दो जहाजों पर गोली चलाएंगे तो हम आपके तीन जहाजों को तबाह करके और भी भारी आर्थिक बोझ डालेंगे। हम अमेरिकी फोर्स की रक्षा करने में पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और असुरक्षित ऑयल फ्लीट को तबाह कर देंगे।'
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सेंटकॉम ने बताया कि 5 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें से हमला किया। जवाब में यूएस सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया।
सेंटकॉम ने आगे बताया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने कुद को सफलतापूर्वक ईरानी हमलों से बचा लिया। किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
आगे कहा कि ईरान के नाकाम हमलों के बाद सेंटकॉम ने आईआरजीसी के कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों में से एक एमटी डाउनी (M/T Downy) को खार्ग द्वीप और जास्क के पास एमटी स्टार्क 1 (M/T Stark 1) को हमेशा के लिए बेकार कर दिया। अमेरिकी सेनाओं ने ओमान की खाड़ी में खाली कच्चे तेल वाले टैंकर एमटी कायलो (M/T Kylo) को भी पूरी तरह से तबाह कर दिया है।
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सेंटकॉम का कहना है कि ईरान के ये तीन तेल टैंकर एक अरबों डॉलर के उस गुप्त नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो आईआरजीसी और इलाके में उसके सहयोगी गुटों को फंड देता है। यह भी कहा कि चालक दल को जहाज छोड़ने का निर्देश देने के तेल टैंकरों को निष्क्रिय किया गया।
