इजरायल और ग्रीस के बीच अकिलीज शील्ड समझौता हो गया है। दुनिया इसे इजरायल का मक्का समझौते को जवाब मान रही है। भूमध्यसागर में इजरायल ग्रीस और साइप्रस के साथ मिलकर तुर्की को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। ग्रीस के साथ हुआ यह नया समझौता न केवल दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि तुर्की की चुनौतियों को बढ़ाएगा। ग्रीस के साथ हुआ अकिलीज शील्ड समझौता इजरायल के इतिहास की सबसे बड़ी डील है।

 

इजरायल पहली बार किसी देश को एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बेचेगा। 3.5 अरब डॉलर के समझौते के तहत डेविड्स स्लिंग, स्पाइडर और बराक एमएक्स जैसे एयर डिफेंस सिस्टम का निर्माण और निर्यात किया जाएगा। दोनों देश औद्योगिक रक्षा सहयोग को भी विस्तार देंगे। इसके अलावा ग्रीस के रक्षा क्षेत्र को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी की जाएगी।

 

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तुर्की के वजह से आ रहे करीब

भूमध्यसागर में तुर्की की बढ़ती आक्रामकता के खिलाफ इजरायल और ग्रीस सैन्य सहयोग बढ़ा रहे हैं। पिछले साल ही इजरायल से 36 रॉकेट तोपखाना सिस्टम की खरीद की। यह सौदा 739 मिलियन डॉलर का था। साइबर सुरक्षा और एंटी ड्रोन सिस्टम पर भी दोनों के बीच सहयोग है। हर साल ग्रीस और इजरायल की सेना सैन्य अभ्यास करती है। इसके अलावा ग्रीस में ही एक हवाई प्रशिक्षण केंद्र है।

ड्रोन डोम सिस्टम पर फोकस

31 अगस्त को तेल अवीव में दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इजरायली रक्षा मंत्रालय के मुताबिक समझौते के तहत इजरायल ग्रीस के लिए एक व्यापक, बहुस्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम का निर्माण करेगा। यह पूरी तरह से इजरायली निर्मित सिस्टम और युद्ध के दौरान इजरायली रक्षा प्रतिष्ठान को हासिल अनुभव पर आधारित होगी। एक एंटी ड्रोन सिस्टम से जुड़ा 26 मिलियन यूरो का समझौता भी अलग से किया गया। इसके तहत इजरायली कंपनी राफेल ड्रोन डोम सिस्टम बेचेगा। इसका लक्ष्य ग्रीस के रणनीतिक ठिकानों की रक्षा करना, क्योंकि शत्रु तुर्की को ड्रोन तकनीक में महारत हासिल है।

इजरायल का कौन सा रणनीतिक हित छिपा?

ग्रीस पड़ोसी तुर्की को अपना शत्रु मानता है और उसकी आक्रामकता से परेशान है। साइप्रस भी यही झेल रहा है। सीरिया में तुर्की के दखल को इजरायल अपने लिए बड़ा खतरा मान रहा है। इन सभी तथ्यों ने तीनों देशों को भूमध्यसागर में तुर्की के खिलाफ एकजुट किया है। ग्रीस पिछले एक दशक से अपना एयर डिफेंस विकास कार्यक्रम चला रहा है। तुर्की के खिलाफ इजरायल के रूप में उसे भरोसेमंद साथी मिल गया। उधर, इजरायल अपनी जमीन से दूर प्रोडक्शन लाइन को विस्तार देने में जुट गया है, ताकि भविष्य में होने वाले संघर्ष में गोला-बारूद और हथियार का पर्याप्त भंडार बनाए रखा जा सके। 

 

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रक्षा पर भारी निवेश कर रहा ग्रीस

ग्रीस और तु्र्की के बीच दशकों पुराना तनाव है। ग्रीस पूर्वी भूमध्यसागर की अपनी सीमा पर सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अपनी जीडीपी का 3.5 फीसद तक रक्षा क्षेत्र पर खर्च कर रहा है। इजरायल भी नहीं चाहता है कि भूमध्यसागर पर तुर्की का वर्चस्व हो। इसकी झलक इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के बयान में भी दिखती है। उनका कहना है कि वर्चस्ववादी महत्वाकांक्षों वाले देश के खिलाफ ग्रीस और इजरायल रणनीतिक सहयोग बढ़ाएंगे।

 

 

इजरायल और ग्रीस के रणनीतिक हित समान हैं और वे क्षेत्रीय चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जब वर्चस्ववादी महत्वाकांक्षाओं वाले देश अपना प्रभाव बढ़ाने और क्षेत्र में स्थिरता को कमजोर करने का प्रयास करने में जुटे हैं, तब इजराइल और ग्रीस अपने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेंगे। स्थिरता बनाए रखने और अपनी सुरक्षा और साझा हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम करेंगे। इजरायल काट्ज, इजरायली रक्षा मंत्री।

 

अकिलीज शील्ड में क्या-क्या शामिल?

समझौते के तहत इजरायल ग्रीस के पूरे एयर डिफेंस सिस्टम को डिजाइन और निर्माण करेगा। इजरायल के डेविड्स स्लिंग, साइडर और बराक एमएक्स एयर डिफेंस को ग्रीस के नेशनल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इजरायली कंपनी राफेल एक नया कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करेगा। हवाई निगरानी के लिए एमएमआर रडार को भी तैनात किया जाएगा।