फ्रांस में हाईस्कूल छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गया। उपद्रवी भीड़ ने सड़क, बसों और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। शहरों में हिंसा की आग भड़कने के बाद फ्रांस सरकार ने करीब 400 स्कूलों को बंद कर दिया। फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक प्रदर्शन से करीब 100 स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा। 40 प्रधानाध्यापक चोटिल हुए हैं। बढ़ती हिंसा के बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री ने तुरंत कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई। 

 

अनुमान के मुताबिक फ्रांस को अभी तक सैकड़ों मिलियन यूरो का नुकसान हो चुका है। अगर हिंसा आगे और बढ़ती है तो यह आकंडा भी बढ़ सकता है। उधर, गृह मंत्रालय ने बताया कि करीब 3000 छात्रों को हिरासत में लिया गया है। फ्रांस सरकार हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई छात्रों के माता-पिता से करने पर विचार कर रही है। न्याय मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने ऐसे ही संकेत दिए। सरकार ने वामपंथी पार्टी ला फ्रांस इंसौमिसे पर हिंसा भड़काने और विरोध प्रदर्शनों को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया।

 

दरअसल, ला फ्रांस इंसौमिसे पार्टी के कई सांसदों और मेयरों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते भी दिखे। इस बीच अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ला फ्रांस इंसौमिसे पार्टी के प्रत्याशी जीन-ल्यूक मेलेंचोन ने साफ किया कि वह सिर्फ अहिंसक प्रदर्शन का समर्थन करते हैं। उन्होंने युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चिंता जाहिर की। 

 

 

 

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900 स्कूलों के बाहर हिंसक प्रदर्शन

अकेले गुरुवार को ही फ्रांसभर में 900 स्कूलों के बाहर प्रदर्शन हुए। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई। गुरुवार को ही करीब 160 स्कूलों को अपना कामकाज बंद करना पड़ा। राजधानी पेरिस समेत विभिन्न इलाकों में 30 से अधिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई बाधित हुई। कई स्कूलों ने सुरक्षा कारणों ने ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर दी हैं।

 

 

 

शिक्षक पर छिड़का पेट्रोल, बस स्टॉप पर तोड़फोड़

प्रदर्शनकारियों ने कई स्कूलों के मुख्य गेट और कूड़े के ढेर पर आग लगाई। इमारतों के अंदर भी आगजनी की। पटरियों पर प्रदर्शनकारियों के जमा होने के कारण ट्राम सेवा बंद करनी पड़ी। कई स्कूलों में शिक्षकों पर हमले की खबरें भी आईं। एक स्कूल में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षक पर पेट्रोल छिड़क दिया। बस स्टॉप में तोड़फोड़ की। कई स्कूलों में आग लगाने का प्रयास किया। अधिकांश दंगाइयों ने अपना चेहरा छिपा रखा था। आंकडों को मुताबिक अभी तक 300 से अधिक पुलिस जवान, दमकल कर्मी और शिक्षक घायल हुए हैं।

 

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फ्रांस में प्रदर्शन क्यों कर रहे छात्र?

पूरे फ्रांस में छात्र स्कूलों की जर्जर हालत, शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में भारी भीड़ और क्लास रूम में एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था न होने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भारी हिंसा के बाद फ्रांस सरकार को दंगा रोधी पुलिस तैनात करनी पड़ी। एक छात्र ने आरोप लगाया कि सरकार हीटिंग, एयर कंडीशनिंग और शिक्षकों के वेतन पर अधिक खर्च नहीं करती है। एक ही कक्षा में 35 छात्र पड़ते हैं। कुछ कमरों में पानी टपकता है। कैंटीन बेहद छोटी है। शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इमारत भी जर्जर हालत में है।