आजकल कई लोग घर में कुत्ता या बिल्ली पालने का शौक रखते हैं। ये पालतू जानवर परिवार के सदस्य की तरह बन जाते हैं। उन्हें गोद में लेना, उनके साथ खेलना सबको अच्छा लगता है। लेकिन अगर आपकी बिल्ली बीमार है या उसकी त्वचा पर कोई इंफेक्शन है तो सावधानी बरतनी जरूरी है।
स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. कुणाल सूद का मानना है कि बिल्लियों से इंसानों में रिंगवर्म नाम का इंफेक्शन फैल सकता है। यह एक प्रकार का फंगल संक्रमण है जो त्वचा पर दाने या गोलाकार चकत्ते पैदा कर सकता है। हालांकि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हर बिल्ली से यह बीमारी फैलेगी।
डॉ. कुणाल सूद, एनेस्थिसियोलॉजी इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन एक्सपर्ट:-
अगर बिल्ली स्वस्थ है, उसकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए और समय-समय पर उसका इलाज कराया जाए तो इंफेक्शन का खतरा बहुत कम हो जाता है।लतू जानवरों से दूर हुए बिना भी खुद को इस इंफेक्शन से बचाया जा सकता है। सही देखभाल, नियमित सफाई और जरूरी सावधानियां अपनाकर आप अपने प्यारे पालतू के साथ सुरक्षित रह सकते हैं।
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रिंगवर्म क्या होता है?
रिंगवर्म को हिंदी में आमतौर पर दाद कहा जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि रिंगवर्म किसी कीड़े की वजह से होता है। हालांकि यह बात एकदम गलत है। रिंगवर्म एक तरह का फंगल इंफेक्शन है जो त्वचा, सिर, हाथ, पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों में हो सकता है। अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो यह धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
कैसे फेलता है ये इंफेक्शन?
अगर किसी बिल्ली को रिंगवर्म है और आप उसे बार-बार गोद में लेते हैं। उसके साथ खेलते हैं या शरीर को छूते हैं तो इंफेक्शन फैल सकता है। इसके अलावा बिल्ली का बिस्तर, कंबल, तौलिया, ब्रश या दूसरी इस्तेमाल की चीजें भी इंफेक्शन फैलाने का कारण बन सकती हैं। सबसे ज्यादा खतरा अवारा बिल्लियों में होता है। इसलिए अगर आप अवारा बिल्ली को पालने को सोचते हैं तो सबसे पहले उसे डॉक्टर के पास ले जाना जरूरी है।
रिंगवर्म होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
अगर किसी व्यक्ति को रिंगवर्म हो जाए, तो शरीर पर गोल आकार का लाल निशान बन सकता है। इसके साथ खुजली होना, जलन महसूस होना, त्वचा का सूखना, पपड़ी पड़ना और दाग का धीरे-धीरे बड़ा होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कई बार लोग इसे नॉर्मल खुजली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं है।
इससे बचने के लिए क्या करें?
बिल्ली को छूने या उसके साथ खेलने के बाद हमेशा साबुन से हाथ धोएं। अगर बिल्ली के शरीर पर बाल झड़ रहें हो, लाल दाग हो या त्वचा खराब दिख रही हो तो तुरंत जानवर वाले डॉक्टर को दिखाएं। बिल्ली के बिस्तर, कंबल, खिलौने और खाने-पीने के बर्तनों की रोजाना सफाई करें। अगर घर में किसी एक व्यक्ति को दाद हो गया है तो उसका तौलिया, कपड़े या दूसरी चीजें किसी और सामान के साथ रखने से बचे।
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क्या कहते हैं डॉक्टर कुणाल सूद
डॉ. कुणाल सूद का कहना है कि रिंगवर्म एक फंगल इंफेक्शन है और यह इंफेक्टिव बिल्ली से इंसानों में फैल सकता है। हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अगर पालतू जानवर की साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए, उसे समय-समय पर डॉक्टर को दिखाया जाए और उसके संपर्क में आने के बाद हाथ धोने जैसी अच्छी आदतें अपनाई जाएं तो इस इंफेक्शन से काफी हद तक बचा जा सकता है। अगर बिल्ली की त्वचा पर कोई दिक्कत दिखाई दे या इंसान के शरीर पर दाद जैसे लक्षण नजर आएं तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
