नए कपड़े पहनना किसे पसंद नहीं होता है? ज्यादातर लोग नए कपड़ों को मार्केट से खरीद कर सीधा पहन लेते हैं। आप इस तरह की गलती न करें। हेल्थ विशेषज्ञों के मुताबिक नए कपड़ों को हमेशा धो कर पहनना चाहिए। इन कपड़ों में केमिकल की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से स्किन संबंधी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा रहता है। खासतौर से पॉलिएस्टर, नायलॉन जैसे सिंथेटिक फैब्रिक से बने कपड़ों को हमेशा धोकर पहनना चाहिए। वहीं, कॉटन, लिनन से बनने कपड़ों में बैक्टीरिया के पनपने का खतरा कम होता है। 

 

कपड़ों को रंगने के लिए और उन्हें रिंकल फ्री रखने के लिए कई तरह के केमिकल वाले डाई का इस्तेमाल होता है। कुछ कपड़ों को रिंकल फ्री बनाए रखने के लिए फॉर्मेल्डिहाइड का इस्तेमाल होता है। गर्मी, पसीना और कपड़ा लगतार त्वचा से रगड़ता है तो केमिकल के कॉन्टेक्ट बढ़ता है। इस वजह से खुजली, जलन और रेडनस की समस्या हो सकती है। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो एलर्जी का खतरा भी बढ़ता है।

 

यह भी पढ़ें: 40 की उम्र में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के साथ होने का खतरा बढ़ा, स्टडी में दावा

नए कपड़ों को क्यों धोना चाहिए?

Journal of Toxicology and Environmental Health ने कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले डाई की जांच की थी। कपड़ों की 20 आइटम पर फॉर्मेल्डिहाइड का टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में 17 आइटम में कोई केमिकल नहीं मिला और बाकी चीजों में केमिकल की मात्रा बहुत ज्यादा थी। धोने के बाद फॉर्मेल्डिहाइड के लेवल में 26% से 72% तक की कमी देखी गई।

 

गंदगी निकलती है- कपड़ा बनने के बाद पैकिंग से लेकर ट्रांसपोर्ट तक के दौरान कई लोग उसे छूते हैं। इतना ही नहीं अलग-अलग नए कपड़ों तो ट्राई करते हैं। इस वजह से गंदगी जम जाती है। अगर आप कपड़े को पहनने से पहले धो लेंगे स्किन इरिटेशन का खतरा कम हो जाता है।

किन कपड़ों को जरूर धोना चाहिए?

अंडरगारमेंट्स
बच्चों के कपड़े
नॉन ऑयरन और रिंकल फ्री कपड़ों को धोना चाहिए।

 

अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या पहले भी नए कपड़े पहनने के बाद स्किन एलर्जी हुई है तो कपड़े को जरूर धोकर पहनें।

क्यों जिम वियर को धोने की सलाह देते हैं डॉक्टर?

ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर तरंग कृष्णा ने बताया कि नए जिम वेयर को पहनना बिल्कुल सुरक्षित नहीं माना है। उन्होंने बताया, 'मार्केट में जितने भी बड़े जिम वेयर ब्रांड्स उनके कपड़ों को लैब में टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में पाया गया कि इन कपड़ों में BPA और PFAS जैसे केमिकल सेफ लिमिट से ज्यादा मात्रा में पाए गए। जब आप एक्सरसाइज करते हैं। तब पसीने की वजह से आपकी त्वचा के पोर्स पूरी तरह से खुल जाते हैं। उस दौरान सिंथेटिक कपड़ा आपकी त्वचा से लगतार रगड़ रहा होता है जिस वजह से ये केमिकल सीधा आपके ब्लड में चले जाते हैं। इस वजह से भविष्य में मेटाबॉलिज्म ड्रॉप और हार्मोनल इम्बैंलेस का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। जितना हो सके पॉलिएस्टर, नायलॉन वाले फैब्रिक से बने कपड़ों को पहनना कम करें। आप ऑर्गेनिक कॉटन, बैंबू फैब्रिक के कपड़े पहनें।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'नए जिम वियर को पहनने से पहले उसे दो से तीन बार जरूर धोएं ताकि उसमें मौजूद हल्के केमिकल्स निकल सके।'

 

यह भी पढ़ें: 40 की उम्र में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के साथ होने का खतरा बढ़ा, स्टडी में दावा

नॉर्मल कपड़ों और जिम वियर में अंतर क्या?

नॉर्मल कपड़ों को पहनने में पसीना बहुत कम आता है। जबकि जिम वेयर में अधिक पसीना आता है। वहीं नॉर्मल कपड़े को धोने का कारण केमिकल का निकलना और धूल है। वहीं जिम वियर में केमिकल, पसीना, गर्मी और लंबे समय तक त्वचा से चिपकना है। इसी वजह से नॉर्मल कपड़ों को धोना अच्छी आदत माना गया है लेकिन जिम वेयर को धोना आपको बीमारियों से बचा सकता है।