चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि जल्द ही अग्निवीरों के लिए दो साल के सर्विस एक्सटेंशन देने का ऐलान किया जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तीनों सेनाएं नवंबर से अपने पहले बैच के 75% अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने वाली थीं। हालांकि, यह पूरी तरह से अग्निवीर पर निर्भर करेगा कि वह दो साल का यह एक्सटेंशन लेना चाहता है या नहीं।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला दिखाता है कि सशस्त्र बल अग्निवीरों के योगदान को काफी महत्वपूर्ण मानते हैं। साथ ही उनकी सेवाओं को आगे भी जारी रखना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें: 'ट्रंप के साथ ज्ञानेश कुमार ऐसा नहीं होने देते..,' US चुनाव पर मजे ले रही CJP
कितने अग्निवीरों को मिलेगा फायदा?
अगर यह फैसला लागू नहीं होता तो 31 दिसंबर तक पहले बैच के 18,300 से ज्यादा अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सेना से बाहर होना पड़ता। पहले दौर में तीनों सेनाओं में कुल 24,400 व्यक्ति की भर्ती हुई थी। इसमें से तीन-चौथाई यानी 18,300 सैनिकों को इस साल रिलीज किया जाना था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पहले बैच में थल सेना (आर्मी) के करीब 19,000, वायु सेना (IAF) के 2,850 और नौसेना (नेवी) के 2,550 अग्निवीर शामिल थे।
क्या था शुरुआती नियम?
जून 2022 में NDA सरकार ने दशकों पुरानी भर्ती प्रक्रिया को बदलकर 'अग्निपथ योजना' की शुरुआत की थी। इसका मुख्य मकसद सशस्त्र बलों को युवा और हर चुनौती के लिए तैयार रखना था। इस योजना के तहत सैनिकों को 4 साल के कार्यकाल के लिए भर्ती किया जाता है, जिसके बाद केवल 25% अग्निवीरों को ही अगले 15 वर्षों के लिए नियमित सेवा में बनाए रखने का नियम बनाया गया था। भर्ती के समय और सुविधाओं को लेकर यह योजना राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में रही है।
यह भी पढ़ें: 'कोई पैसे मांगे तो थाने जाओ', कांग्रेस के 'टिकट स्कैम' पर बोले राजेंद्र पाल गौतम
अग्निवीरों के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं तीनों सेनाएं
अधिकारियों का कहना है कि थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों ही अग्निवीरों के काम और प्रदर्शन से काफी संतुष्ट हैं। अधिकारियों ने पहले भी संकेत दिए थे कि विशेष कौशल (स्पेशलाइज्ड स्किल्स) वाले अग्निवीरों को अधिक संख्या में रोकने के लिए योजना में आगे बदलाव किए जा सकते हैं। इस समय भारतीय थल सेना में लगभग 2,70,000, वायु सेना में करीब 27,000 और नौसेना में लगभग 21,000 अग्निवीर सेवाएं दे रहे हैं। दो साल के इस नए एक्सटेंशन से न केवल सेना को अनुभवी अग्निवीरों की सेवाएं मिलती रहेंगी, बल्कि युवाओं के पास भी सेना में बने रहने का एक और मौका होगा।
