NEET -UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को नई चेतावनी दी है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्रवाई नहीं रुकी तो पार्टी जल्द ही देशभर में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी।

 

NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर कई हफ्तों तक छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग थी कि शिक्षा मंत्री को पद से हटाया जाए, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएं। आखिरकार इन प्रदर्शनों के दबाव में सरकार को सभी मांगें माननी पड़ीं और धर्मेंद्र प्रधान को भी इस्तीफा देना पड़ा।

 

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अभिजीत दीपके का सरकार को अल्टीमेटम

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, 'अगर पुलिस छात्रों को परेशान करना बंद नहीं करती, तो कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी। सरकार छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें बेवजह परेशान करना तुरंत बंद करे।'

36 दिन के आंदोलन के बाद आई नई चेतावनी

CJP का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी ने कुछ ही दिन पहले अपना 36 दिनों तक चला आंदोलन खत्म किया था। पार्टी का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांगों में से एक तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मान लिया गया था। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने भी भरोसा दिया था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह आंदोलन 20 जून को NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर दिया जोर

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ किया कि केवल प्रदर्शन होने के आधार पर पुलिस बल प्रयोग या ज्यादती नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे में CJP की नई चेतावनी के बाद NEET विवाद एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस के केंद्र में आ गया है।