राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार 8 सितंबर को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू ऐरन वैन डाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। NIA ने इस साल मार्च में इन सातों विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनपर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के सेक्शन 21 और 23 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो गैर-कानूनी प्रवेश और वीजा शर्तों के उल्लंघन को कवर करते हैं। 

 

इस चार्जशीट में इन विदेशी नागरिकों पर UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं। इसके साथ ही दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने और संज्ञान लेने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है। 

 

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क्या है पूरा मामला?  

इस मामले में 7 आरोपी शामिल हैं, अमेरिकी नागरिक मैथ्यू ऐरन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिक विक्टर कामिंस्की, पेट्रो हुरबा, तारास स्लीवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मैरियन स्टीफंकिव और मक्सिम होंचारुक। इन सातों को 13 मार्च 2026 को कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था।

 

ये सभी दिसंबर 2025 में बिना जरूरी परमिट के मिजोरम के प्रोटेक्टेड इलाके से होते हुए गैरकानूनी तरीके से म्यांमार बॉर्डर पार कर गए थे और वहां विक्टोरिया कैंप में म्यांमार के हथियारबंद गुटों को ड्रोन युद्ध, ड्रोन असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग देने वाले थे, जिसका कथित संबंध भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से भी जोड़ा गया। 

 

90 दिन की जांच के बावजूद ठोस सबूत न मिल पाने पर NIA ने मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इन सातों के खिलाफ UAPA की बजाय फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 (बिना इजाजत प्रोटेक्टेड क्षेत्र में प्रवेश) और धारा 23 (नियम उल्लंघन पर दंड) के तहत चार्जशीट दाखिल कर लिया है। 

 

इसके तहत इन्हें अधिकतम 3 से 5 साल तक की सजा हो सकती है, जबकि UAPA से जुड़े आतंकी साजिश के पहलुओं की जांच अभी भी जारी रखी गई है और कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है। 

 

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बिना परमिट पहुंचे थे मिजोरम

ये सभी वैध दस्तावेजों के साथ भारत आए, लेकिन बिना जरूरी परमिट (PAP/RAP) के गुवाहाटी होते हुए मिजोरम के प्रोटेक्टेड इलाके में दाखिल हो गए। छह टैक्सियां लेकर वे मिजोरम पहुंचे और 29 दिसंबर 2025 को तियाउ नदी के रास्ते गैरकानूनी तरीके से म्यांमार बॉर्डर पार कर विक्टोरिया कैंप जा पहुंचे।

 

NIA के मुताबिक वे म्यांमार के हथियारबंद एथनिक गुटों को ड्रोन वॉरफेयर, ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक की पहले से तय ट्रेनिंग देने वाले थे। जांच में भारी मात्रा में ड्रोन और उनसे जुड़े उपकरण भारत के जरिए मंगाए जाने और बरामद होने के साथ-साथ कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त कर लिए गए।