देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेता प्रदर्शन करने उतरे। इस दौरान राहुल गांधी , प्रियंका गांधी , अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दलों के नेता साथ आए। एक चौंकाने वाली चीज यह दिखी कि अभी तक INDIA गठबंधन से दूर रहने वाले बीजू जनता दल (BJD) के नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस पर कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अभी और भी लोग साथ आएंगे। निर्वाचन सदन की ओर से जा रहे इन नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया और फिर वहीं से पुलिस ने सबको हिरासत में लेने की शुरुआत कर दी है।
प्रदर्शन करने उतरे सांसदों ने 'Gyanesh Its Done Bro', 'BJP ही CEC' है और 'Don't Delete Democracy' जैसे नारों वाली तख्तियां ले रखी थीं। इस मार्च में कांग्रेस के अलावा, समाजवादी पार्टी, शिवेसना (UBT), राष्ट्रीय जनता दल, ममता तृणमूल कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। इन सांसदों ने 'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारे भी लगाए।
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सबसे आगे दिखे राहुल गांधी
इस मार्च में शामिल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी काफी सक्रिय दिखे। पहले तो वह विपक्षी सांसदों के साथ जमीन पर बैठ गए। फिर तिरंगा लेकर एक पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए और फिर तिरंगा लहराने लगे। इसके बाद उन्होंने दूसरे रास्ते से आगे बढ़ने की कोशिश की और आकाशवाणी के गेट पर जाकर खड़े हो गए। देखते ही देखते प्रियंका गांधी भी वहां पहुंच गईं और कुछ ही देर में तमाम विपक्षी सांसद और कार्यकर्ता भी वहीं जमा हो गए।
प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर छोड़ा
निर्वाचन सदन जाने की ओर जा रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोक लिया। आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे तमाम नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू किया। इसी क्रम में वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि, एक बार बस में बिठाने के कुछ देर के बाद ही उन्हें रिहा करके बस से उतार दिया गया।
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प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और ममता तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को भी हिरासत में ले लिया गया।
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