कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बयान दिया है जिसे लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले में हमला बोला है। उनका कहना है कि चंपत राय RSS के एजेंट हैं, जिनका सनातन परंपराओं से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि VHP के जरिए मिलने वाला चंदा पूरी तरह से BJP के चुनावी फंड में भेजा जा रहा है। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह उज्जैन से लेकर अयोध्या तक पैदल यात्रा करने वाले हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमारे वेद-पुराण में हिंदू शब्द का जिक्र तक नहीं है। हमारी असली परंपरा सनातन धर्म की है जिसे RSS और VHP अपने राजनीतिक फायदे के लिए तोड़-मरोड़ रहे हैं। इस बयान के बाद अयोध्या के संत उनका विरोध कर रहे हैं। इन सभी आरोपों के बाद अयोध्या के महंत सीताराम दास ने कहा है कि कांग्रेस हमेशा से धर्म विरोधी रही है। इनकी पार्टी ने ही राम मंदिर बनने का विरोध किया था।
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दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि RSS और VHP 'हिंदुत्व' शब्द के नाम पर देश में समाज को बांटने की कोशिश की कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हमारे शास्त्र, पुराण और वेद में इस शब्द का कहीं जिक्र नहीं है। ये लोग इसे अपने राजनीतिक फायदे के हिसाब से इसे तोड़-मरोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि आपको क्या सूझा कि इस उम्र में आप उज्जैन से लेकर अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। इस पदयात्रा का एक ही मकसद है जो RSS, VHP और सावरकर ने हिंदुत्व शब्द को गढ़ा हैं। हमारे ग्रंथों में केवल सनातन धर्म का जिक्र है। यह लोग हिंदुत्व शब्द का अपने तरीके से इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इस बात को लोगों तक पहुंचाना कि इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।'
आगे उन्होंने कहा, 'चंपत राय RSS के एजेंट है। इनका धर्म या सनातन परंपराओं से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। उन्होंने राम शिलाओं के लिए चंदा इकठ्ठा किया और रुपयों का गबन किया। राम मंदिर के निर्माण में धोखाधड़ी की। VHP के जरिए मिलने वाला चंदा पूरी तरह से BJP के चुनावी फंड में भेजा जा रहा है। यह पैसा BJP और RSS के लिए बड़ी-बड़ी इमारतें बनाने में इस्तेमाल हो रहा है।'
अयोध्या के संतों की आपत्ति
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद अयोध्या के संतों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। अयोध्या से महंत सीताराम दास महाराज ने दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर के नेता की तरफ से इस तरह का बयान शोभा नहीं देता।
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उन्होंने कहा, 'यह बयान बहुत निंदनीय और बेबुनियाद है। इतने वरिष्ठ नेताओं का ऐसी गलतियां करना ठीक नहीं है। यह अच्छी बात नहीं है। इन लोगों ने हमेशा सनातन संस्कृति पर चोट करने की कोशिश की है। इन्हीं के नेताओं ने राम जन्मभूमि मंदिर का निमंत्रण ठुकराया था। साथ ही मंदिर बनने से रोकने के लिए हंगामा भी किया था। इन लोगों ने मंदिर का विरोध करने के लिए कोर्ट में 28 वकील तक खड़े किए थे। अयोध्या में उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा और उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे। उन्हें अयोध्या में पूजा-अर्चना नहीं करने दी जाएगी।'
