कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया है कि वह पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार और शरीर के तेज दर्द से परेशान थे। उनका कहना है कि लगातार दर्द की दवा खाकर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में जमे हुए थे लेकिन तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर कुछ घंटों का आराम करने के लिए इस प्रदर्शन से एक छोटा सा ब्रेक लेना पड़ा है।

 

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर खुद यह बात शेयर की है कि वह बीमारी के बाद भी लगातार काम कर रहे थे और अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने अपने सभी समर्थकों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और लिखा कि अगर वह दिन के समय जंतर-मंतर पर दिखाई न दें तो कोई भी इस बात का बुरा न माने क्योंकि शरीर को ठीक करने और ताकत वापस पाने के लिए उन्हें कुछ घंटों के आराम की बहुत जरूरत है और वह आराम करने के बाद शाम तक वापस धरने पर लौट आएंगे।

 

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संसद चलो मार्च

यह पूरा धरना और विरोध प्रदर्शन हाल ही में 20 जुलाई को हुए संसद चलो मार्च के बाद से और ज्यादा तेज हो गया है, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की और झड़प देखने को मिली थी। यह पूरा आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।

 

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इस आंदोलन की मांग यह है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन बहुत कड़ी पुलिस सुरक्षा तथा पुलिस की सख्ती के बीच चल रहा है जबकि संसद का सत्र चालू होने के कारण विपक्ष के नेता भी इस मुद्दे पर संसद के अंदर लगातार हंगामा और चर्चा की मांग कर रहे हैं।