लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता और सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में नीट पेपर लीक को लेकर पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर बोलते हुए इसे मोदी सरकार की विफलता का स्मारक करार दिया। उन्होंने नीट पेपर लीक की वजह से जान गंवाने वाले 21 बच्चों को याद करते हुए सरकार पर हमला बोला। गोगोई ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी। मगर, जब वे इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में आए तो बीजेपी सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों।
गोगोई ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम रील्स में दिखते हैं। पहली कैबिनेट मीटिंग में शिक्षा को बेहतर बनाने और माफियाओं, पेपर सेट करने वाले माफिया, पेपर सॉल्व करने वाले माफिया, टेस्टिंग सेंटर माफिया को खत्म करने पर पूरी चर्चा करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी ने बस इंस्टाग्राम पर ज्यादा ध्यान देने को कहा है।'
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शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए गंभीर नहीं सरकार
गौरव गोगोई ने कहा कि लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का विवरण पढ़कर पता चलता है कि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, '2024 में भी सरकार ने इस बिल को ऐतिहासिक बताया था- लेकिन कुछ नहीं हुआ। ये कानून मोदी सरकार की विफलता का स्मारक है।'
धर्मेंद्र प्रधान सच्चाई मानने को तैयार नहीं थे
उन्होंने आगे कहा, 'नीट-यूजी 2024 पेपर लीक की तहकीकात में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उसमें से 44 लोगों को बेल मिल चुकी है- ये शर्मनाक है। जब 2024 में पेपर लीक हुआ था, तब भी धर्मेंद्र प्रधान सच्चाई मानने को तैयार नहीं थे और 2026 में भी उनका यही रवैया था।'
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री क्यों गायब हैं?
वहीं, कांग्रेस ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि इतने महत्वपूर्ण बहस में दोनों नेता नहीं हैं। कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'जब छात्रों और युवाओं से जुड़े इतने जरूरी बिल, पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा हो रही है तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री क्यों गायब हैं?
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गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए
जबकि, गौरव गोगोई ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में इसका जवाब देना चाहिए कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए और यह दावा किया कि 2024 में लाया गया मूल कानून भी पेपर लीक रोकने में नाकाम रहा था और नया प्रस्तावित कानून भी अपने उद्देश्य में सफल नहीं होगा।
