वैध बोर्डिंग पास होने के बावजूद दंपती को फ्लाइट में चढ़ने से रोकना स्पाइसजेट को भारी पड़ गया। श्रीनगर के एक उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को 62 हजार रुपये से अधिक का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। पिछले साल हज यात्रा से लौटते समय जम्मू-कश्मीर के दंपत्ती को एयरलाइन ने फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया था।

 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गुलाम नबी फाफू ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया कि 8 जुलाई 2024 को उन्हें और उनकी पत्नी राजा बेगम को दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में चढ़ने नहीं दिया गया। जबकि उनके पास बैध बोर्डिंग पास था। चेक-इन करने और समय पर बोर्डिंग गेट पर पहुंचे के बाद भी उन्हें फ्लाइट में चढ़ने नहीं दिया गया।   

 

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एयरलाइन ने कोई वजह भी नहीं बताई

शिकायत में बताया गया कि दंपती हज यात्रा से लौट रहे थे। उनके बेटे ने नई दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में टिकट बुक की थी। दंपती ने बताया कि बोर्डिंग गेट पर पहुंचने पहले ही उन्होंने बोर्डिंग पास हासिल कर लिया ता। अपना सामान भी सौंप दिया था। मगर बोर्डिंग के वक्त विमान पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि एयरलाइन कर्मचारियों ने कोई स्पष्ट वजह भी नहीं बताई।

एयरपोर्ट पर ही बितानी पड़ी रात

दंपती ने बताया कि घंटों बाद उनका सामान लौटाया गया। कोई अन्य फ्लाइट न होने के कारण उन्हें एयरपोर्ट पर ही रात बितानी पड़ी। इससे मानसिक परेशान और असुविधा हुई। अगली सुबह अतिरिक्त रुपये खर्च करके इंडिगो की श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट से जाना पड़ा। 

 

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आयोग की अध्यक्ष डॉ. फराह दीबा और सदस्य शबनम मुंशी की पीठ ने एयरलाइन को वित्तीय नुकसान और असुविधा का जिम्मेदार ठहराया। मूल टिकट का पैसा और मुआवजा देने का निर्देश दिया। उपभोक्ता आयोग ने स्पाइसजेट को 10,078 रुपये टिकट के और 52,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।