दिल्ली में 2300 से अधिक H1N1 फ्लू के मामले के बाद सरकार ने सभी स्कूलों को स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के प्रति बच्चों में जागरुकता बढ़ाने और रोकथाम को लेकर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह के मुताबिक अब तक इन्फ्लूएंजा के करीब 3,000 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 2308 मामले स्वाइन फ्लू के हैं। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मुताबिक स्वाइन फ्लू संक्रमण का सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित को अधिक रहता है।
अब दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सर्कुलर जारी करके सभी स्कूलों को मौसमी इन्फ्लुएंजा व स्वाइन फ्लू (H1N1) से बचाव और जागरूकता को बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह आदेश सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। स्कूलों को फ्लू के रोकथाम पर ध्यान देने और बच्चों व स्कूल स्टाफ के बीच साफ-सफाई की आदत को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।
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इन लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत
दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने एक एडवाइजरी जारी का उल्लेख करते हुए शिक्षा विभाग ने कहा कि गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, ठंड लगना और बुखार जैसे लक्षण मौसमी इन्फ्लूएंजा या स्वाइन फ्लू से संबंधित हो सकते हैं। बिना वजह घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्कूल आदि में जागरूकता और बचाव को अपनाना जरूरी है। अधिकारियों को सर्कुलर का पालन सुनिश्चित करने और निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा 31 अगस्त तक रिपोर्ट भी मांगी गई है।
सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रमुखों को सलाह दी जाती है कि वे मौसमी इन्फ्लूएंजा/स्वाइन फ्लू (H1N1) की रोकथाम पर उचित ध्यान दें। छात्रों व स्कूल के कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता और श्वसन संबंधी स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा दें। शिक्षा निदेशालय, दिल्ली।
इन उपायों को अपनाने की सलाह
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को 'हेल्दी स्कूल-हेल्दी कम्युनिटी' के तहत कुछ आदतों अपनाने की सलाह दी, ताकि संक्रमण को रोका जा सके। इसमें कहा गया कि इन आदतों के प्रति मॉर्निंग असेंबली, क्लासरूम, नोटिस बोर्ड, माता-पिता और स्कूल के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए।
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- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को ढकें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सही तरीके से फेंकें।
- साबुन और पानी से हाथ दोनों की आदत को बढ़ावा दें। खाना खाने से पहले और खांसने व छींकने के बाद हाथ जरूर धोएं।
- सांस से जुड़ी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें। जरूरी होने पर मास्क का उपयोग करें।
- क्लासरूम, कॉमन एरिया और बार-बार छुई जाने वाली जगहों की सफाई सुनिश्चित करें। स्कूल परिसर और सार्वजनिक जगहों में न थूकें।
- बार-बार अपनी आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
- खूब पानी पीएं, भरपूर आराम करें और पौष्टिक भोजन लें।
दिल्ली सरकार ने बुलाई आपात समीक्षा बैठक
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामले के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम रेखा गुप्ता ने भी आपात बैठक बुलाई। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हर अस्पताल में अलग वार्डों की व्यवस्था की गई है। दवाओं, डॉक्टरों और कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है।
