दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। ऐसा ही एक परिवार है जिसकी जिंदगी इस हादसे से पूरी तरह तबाह हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस सबसे दर्दनाक कहानी कह रहे हैं। परिवार के बुजुर्ग सदस्य बीमार थे और इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे। पूरा परिवार उनके साथ समय बिताने दिल्ली आया था। इलाज के लिए दिल्ली पहुंचे परिवार के आठ सदस्य इस हादसे में हमेशा के लिए बिछड़ गए। अपने पिता के इलाज के दौरान उनका साथ देने के लिए आया परिवार अब कभी साथ नहीं हो पाएगा। इस हादसे ने पूरा परिवार तोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार, परिवार के बुजुर्ग सदस्य 75 साल के राधेश्याम पिछले कुछ समय से बीमार थे और उनका इलाज दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में चल रहा था। उनकी तबीयत को लेकर परिवार के लोग अलग-अलग शहरों से दिल्ली पहुंचे थे ताकि कठिन समय में उनके साथ रह सकें। परिवार के कुछ सदस्य बेंगलुरु और राजस्थान से आए थे, जबकि कुछ रिश्तेदारों ने अपना वापस लौटने का प्लान भी आगे बढ़ा दिया था ताकि वे कुछ और दिन साथ बिता सकें।
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होटल में लगी आग
बताया जा रहा है कि बुधवार को मालवीय नगर इलाके के जिस होटल में आग लगी उसी होटल में उनका परिवार रुका हुआ था। देखते ही देखते आग और धुआं पूरी इमारत में फैल गया। कई लोग कमरों में फंस गए और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। कुछ लोगों को स्थानीय लोगों ने ऊपर से कूदने के लिए नीचे गद्दे बिछाए लेकिन यह भी ज्यादा लोगों की मदद नहीं कर सका। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है।
एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत
इस हादसे में जिस परिवार ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला, उसके आठ सदस्यों की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों की पहचान और औपचारिक प्रक्रिया परिवार के लिए बेहद कठिन रही। कुछ मामलों में परिजनों को सामान और गहनों के आधार पर पहचान करनी पड़ी। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य इतने जल गए थे कि वह उनकी पहचान नहीं कर पाए। पहचान करने के लिए उनके गहने देखने पड़े। परिवार इस सदमे से उभर नहीं पा रहा है।
हादसे के वक्त किया था फोन
परिवार के सदस्य पुनीत गुप्ता ने बताया कि आग लगने के दौरान उनकी विवेक से बात हुई थी। उन्होंने कहा, 'विवेक ने मुझे फोन करके कहा था कि भाई, शायद हम लोग अब नहीं बच पाएंगे। मैंने उससे कहा कि रूमाल को गीला करके चेहरे पर रख लो, लेकिन उससे कोई मदद नहीं मिली। जब तक हम वहां पहुंचे, तब तक सबकी मौत हो चुकी थी।'
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मरीज को नहीं दी जानकारी
जिस 75 साल के बुजुर्ग से मिलने परिवार दिल्ली आया था वह बुजुर्ग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें अभी तक इस हादसे की जानकारी नहीं दी गई है। परिवार के बचे हुए सदस्य यह हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि वह बुजुर्ग सदस्य को इस हादसे के बारे में जानकारी दे सकें।
इस बीच प्रशासन और जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि इमारत के निचले हिस्से में रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था और आग वहीं से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में 21 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। जांच के दौरान होटल, सुरक्षा मानकों और फायर क्लियरेंस को लेकर भी सवाल उठे हैं। दिल्ली पुलिस ने इस बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
