राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन  के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि शहर में पूर्ण बंदी नहीं होगी। हालांकि, 10 सितंबर से 14 सितंबर तक वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के समय कुछ सड़कों पर थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है या रास्ता बदला जा सकता है।

 

पुलिस के मुताबिक, ट्रैफिक में रुकावट कितनी देर रहेगी, यह सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी लोगों की आवाजाही पर निर्भर करेगा। जिन इलाकों में वीवीआईपी मूवमेंट रहेगी उन पर व्यवस्था समय के अनुसार तय की जाएगी। यानी इन इलाकों में पुलिस अपने हिसाब से ट्रैफिक कंट्रोल करेगी। एडवाइजरी में कहा गया है कि जहां सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी वहां सामान्य यातायात जारी रहेगा।

 

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कौन सी सड़कें होंगी प्रभावित?

प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। बुधवार शाम काफिले की रिहर्सल के दौरान 35 से अधिक सड़कों पर रूट डायवर्ट लागू हुए और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।

नोए़डा टू दिल्ली रूट पर असर

नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली व मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका विशेष असर पड़ने की संभावना है। द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्री भी प्रभावित हो सकते हैं। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से जाम वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस पुलिस ने पहले प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था।

परीक्षाओं को लेकर क्या कहा?

नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षा व्यवस्था के अधीन आवाजाही की अनुमति होगी। उन्हें वैध पहचान पत्र और पते का प्रमाण साथ रखने तथा तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यूपीएससी, एनडीए, सीडीएस और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने परीक्षा केंद्रों और मार्गों की पहले से जांच कर लें, प्रवेश पत्र व पहचान पत्र साथ रखें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। किसी वास्तविक चिकित्सा आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत नजदीकी यातायात कर्मियों को सूचित करना चाहिए।

मेट्रो, बस और कैब सेवाएं

दिल्ली मेट्रो का इस दौरान चलती रहेगी लेकिन सुरक्षा कारणों से आवश्यकता पड़ने पर कुछ स्टेशनों या प्रवेश-निकास द्वारों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और शहर की बसें भी चलेंगी, लेकिन स्थिति के अनुसार मार्गों में बदलाव या कटौती हो सकती है। अंतर-राज्यीय बसों के मार्गों, प्रवेश स्थलों या समापन स्थलों में भी अस्थायी बदलाव संभव है।

 

ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब सेवाएं चलती रहेंगी, लेकिन नियंत्रित या प्रतिबंधित क्षेत्रों में उनकी पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। डिलीवरी सेवाओं को भी नियंत्रित क्षेत्रों में इसी तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। दूध, दवाइयां और अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को लागू व्यवस्थाओं के अनुसार सुगम बनाया जाएगा, जबकि ट्रकों और भारी वाहनों पर प्रवेश के समय और मार्गों को लेकर विशेष प्रतिबंध लग सकते हैं।

 

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नकली अफवाहों से बचने की सवाब

शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवधानों का आकलन करते समय शिखर सम्मेलन के पैमाने को ध्यान में रखा जाए, क्योंकि भारत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के नेताओं सहित अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर रहा है।

 

ट्रैफिक पुलिस ने ऑनलाइन मैप सर्विस और ऑनलाइन कैब सर्विस कंपनियों के साथ बैठकें की हैं, जो शिखर सम्मेलन के दौरान वास्तविक समय में प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तनों और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर करेंगे। प्रतिबंधित और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी और वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर 'दिल्ली बंद' या पूर्ण सड़क बंद होने का दावा करने वाले असत्यापित संदेश प्रसारित करने के प्रति आगाह किया है और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने को कहा है।