देश भर में डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इसे लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसके पीछे कई बड़ी और अहम वजहें हैं। सबसे मुख्य कारण दुनिया के बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया के देशों में चल रहा आपसी तनाव है। दुनिया भर में तेल की सप्लाई कम होने की वजह से तेल काफी महंगा हो गया है। इसके अलावा भारत सरकार ने भी डीजल के बाहर भेजने पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 8.50 रुपये से बढ़ाकर 15.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। यह फैसला 16 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गया है। 

 

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि देश में तेल की कमी न हो और कंपनियां सिर्फ मुनाफा न देखें। सरकार की प्राथमिकता है कि मुश्किल समय में भारत की जरूरतें सबसे पहले पूरी हों। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में दिक्कत होने के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है जिससे भारत में दाम बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत भी तेल के आयात को और महंगा बना रही है।

 

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17 जुलाई 2026 डीजल के शहरों में दाम

  • चंडीगढ़: 89.47 रुपये
  • आगरा: 95.14 रुपये
  • दिल्ली: 95.20 रुपये
  • नोएडा: 95.44 रुपये
  • लखनऊ: 96.07 रुपये
  • जयपुर: 97.75 रुपये
  • मुंबई: 97.83 रुपये
  • अहमदाबाद: 97.92 रुपये
  • नागपुर: 98.48 रुपये
  • बेंगलुरु: 98.80 रुपये
  • पुणे: 98.68 रुपये
  • पटना: 99.36 रुपये
  • चेन्नई: 99.66 रुपये
  • कोलकाता: 99.82 रुपये
  • हैदराबाद: 103.82 रुपये

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विंडफॉल टैक्स क्या है?

विंडफॉल टैक्स का मतलब है कंपनियों की अचानक हुई एक्स्ट्रा कमाई पर सरकार द्वारा लिया जाने वाला टैक्स। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बहुत बढ़ जाते हैं, तो तेल कंपनियों को बिना किसी मेहनत के बहुत अधिक मुनाफा होने लगता है। सरकार यह टैक्स इसलिए बढ़ाती है ताकि कंपनियां सारा तेल विदेशों में महंगे दामों पर न बेच दें। टैक्स बढ़ने से कंपनियों के लिए बाहर तेल बेचना महंगा हो जाता है जिससे वे अपना तेल देश के अंदर ही बेचने के लिए मजबूर होती हैं। इसका मुख्य फायदा यह है कि देश में डीजल की कमी नहीं होती और आम जनता के लिए ईंधन की सप्लाई बनी रहती है।