कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया। एक महीने पुराने इस संगठन का यह पहला प्रदर्शन था। प्रदर्शन कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के आव्हान पर बुलाया गया था, जिसका मकसद मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था की खामियों, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग के खिलाफ था। इसके साथ में इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्थाओं में खामियों, छात्रों के भविष्य और नौकरियों के मुद्दों को उठाते हुए देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया। यह प्रदर्शन देश की मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर एक दिन पहले से और कार्यक्रम वाले पूरे दिन छाया रहा।

 

सोशल मीडिया से लेकर असल जिंदगी में छात्रों, प्रोफेसरों, वकीलों, नेताओं से लेकर आम लोगों ने कॉकरोच पार्टी के इस प्रदर्शन को लेकर चर्चा की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था क्योंकि इसमें आने वाले लोगों से एक किताब, तिरंगा और एक गुलाब का फूल लेकर आने के लिए कहा गया था। हिंसा से बचने और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की गई। 

 

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प्रदर्शन की बड़े स्तर पर चर्चा

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन को लेकर खबरें छपीं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन को लेकर जाना क्या देश में आंदोलन का दौर लेकर आया है? यह बात इसलिए उठी है क्योंकि साल 2019-20 के बाद इतने बड़ा पैमाने पर कोई भी प्रदर्शन नहीं हुआ और ना ही ऐसे किसी प्रदर्शन की इतने बड़े स्तर पर चर्चा हुई। आइए जानते हैं कि कॉकरोच पार्टी के 6 जून के प्रदर्शन ने क्या संकेत दिए हैं...

दो साल पहले हुआ था बड़ा आंदोलन

दरअसल, अगर देशव्यापी छात्र आंदोलन की बात करें तो हाल के वर्षों में सबसे बड़ा प्रदर्शन नीट-यूजी 2024 परीक्षा लीक को लेकर हुआ। दो साल पहले यह प्रदर्शन दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना समेत कई राज्यों में छात्रों ने किए थे। उस समय भी मामला नीट पेपर लीक का ही थी, जिसमें परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगे। छात्रों और संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए नीट पेपर दोबारा कराने और इसकी जांच करवाने की मांग की थी।

 

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सालों तक रहा आंदोलन पर साया

लेकिन 2024 का नीट पेपर लीक और प्रदर्शन इतने बड़े पैमाने पर नहीं हुए, जितने इस बार हो रहे हैं। इस बार तो यह प्रदर्शन देशव्यापी छात्र आंदोलन बनता जा रहा है। इसके अलावा 2024 में ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती, प्रयागराज, पटना, UPPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी बड़े छात्र प्रदर्शन हुए, लेकिन वे अधिकतर क्षेत्रीय राज्य स्तर पर ही रहे।

2019-20 और उससे पहले के प्रदर्शन

मगर, देश में आखिरी सबसे बड़ा प्रदर्शन 2019-20 का CAA-NRC छात्र आंदोलन था। इन आंदोलनों ने देश में राजनीतिक प्रभाव छोड़ा। इससे पहले विश्वविद्यालयों में रोस्टर विवाद और शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर प्रदर्शन, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। इसके अलावा देशभर में रेप, लिंचिंग, कस्टोडियन हत्या  आदि जैसे मुद्दों को लेकर दिल्ली में छात्र और संगठन प्रदशर्न किया करते थे, जो हाल के वर्षों में लगभग बंद हो गए थे। 

 

ऐसे में कॉकरोच जनता पार्टी का 6 जून 2026 का प्रदर्शन ऐतिहासिक है। इस प्रदर्शन की वजह से देश में आंदोलन करने की फिर से एक नई नींव पड़ी है।