कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऊपर हमले करते हुए कठिन सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने कलबुर्गी में शनिवार को आरएसएस से पूछा कि उन्होंने किस आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था? उन्होंने आरएसएस के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी सवाल उठाए। प्रियांक इससे पहले ही कई बार आरएसएस से सवाल पूछकर उन्हें असहज कर चुके हैं। उनके सवालों पर कई बार संघ को जवाब भी देना पड़ा है।

 

शनिवार को प्रियांक खड़गे ने कहा, 'आरएसएस से मेरा बस यही सवाल है। हमें बताएं कि आपने किस आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। इसमें कई लोग, अलग-अलग पार्टियों के लोग भी शामिल हुए और लड़े। तब आप कहां मर गए थे? मैं आपको कांग्रेस पार्टी के 500 सदस्यों की लिस्ट दूंगा जो शहीद हुए थे। उन्हें सिर्फ 50 लोगों की लिस्ट देने दें।'

 

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RSS ने किस सांप्रदायिक दंगे को बचाया? 

 

उन्होंने आगे कहा, 'देश के बंटवारे के बाद, जब इतने सारे सांप्रदायिक दंगे हुए तो आरएसएस ने किस सांप्रदायिक दंगे को बचाया? असल में, सांप्रदायिक दंगे आपकी वजह से हुए। आरएसएस को बैन नहीं किया जा सकता। संतोष और मोहन भागवत ने जो कहा वह सच है। उन्हें बैन नहीं किया जा सकता। वजह यह है कि वे रजिस्टर्ड भी नहीं हैं। अगर मैं आपके संगठन को बैन करूं, तो क्या आपको पहले रजिस्टर्ड नहीं होना चाहिए? आप तो रजिस्टर्ड भी नहीं हैं। आप अपनी गतिविधियां कैसे चला रहे हैं?'

 

 

 

 

मोहन भागवत की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए

 

कर्नाटक गृह मंत्री प्रियांक खड़गे कलबुर्गी में संघ प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए कहा, 'क्या आप जानते हैं कि एडवांस सिक्योरिटी लाइजन प्रोटेक्शन किसे मिलता है? विदेश मंत्रालय, भारत के गृह मंत्री, भारत के प्रधानमंत्री। मोहन भागवत को भी मिलती है, आपके टैक्स के पैसे से। तो मैं पूछ रहा हूं कि कलबुर्गी के लोगों के टैक्स का पैसा मोहन भागवत की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल हो रहा है। आप इसे किस मानदंडों के हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं?'

 

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RSS एक आतंकवादी संगठन है- प्रियांक

 

उन्होंने कहा, 'कर्नाटक पुलिस इस संगठन के 20 लाख लोगों को सुरक्षा देती है जब उन्हें रूट मार्च करना होता है। वे कौन होते हैं यह कहने वाले कि हमें पाकिस्तान के साथ रिश्ते रखने चाहिए, चीन के साथ रिश्ते रखने चाहिए? कल, मैंने विपक्ष के नेता को यह कहते हुए देखा कि अगर प्रियांक खड़गे कुछ भी कहते हैं, तो वे यह पक्का करेंगे कि वह अपने घर से बाहर न निकल सकें- क्यों? RSS क्या करेगा, गोली मारकर मुझे मार डालेगा? आपने अंबेडकर को नहीं छोड़ा, आपने गांधीजी को नहीं छोड़ा। क्या आप मुझे छोड़ देंगे? वे मेरी बात को साबित कर रहे हैं कि वे एक आतंकवादी संगठन हैं, है ना?'