दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह देश के दुर्भाग्यपूर्ण फैसलों में से एक होगा। इसके साथ निशिकांत दुबे ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को आंदोलन में ना भेजें।  

 

निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई परिवर्तन किए हैं। उनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान ने किसी के दबाव में आकर इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि बच्चों के बीच में कंफ्यूजन को दूर करने के लिए उन्होंने उनके जिद को पूरा किया है। 

 

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धर्मेंद्र प्रधान ने अच्छा काम किया: दूबे

सांसद निशिकांत दुबे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अच्छा काम किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने NEET परीक्षा को बेहतर और पारदर्शिता के साथ आयोजित कराया। हालांकि, कभी-कभी अभिभावकों को बच्चों की जिद के आगे झुकना पड़ता है, आज उन्होंने इसलिए अपना इस्तीफा दिया है। वह गांव के एक स्कूल से पढ़ कर देश के सांसद बने हैं और वह कई विदेश के सांसदों से अपने आप को कम नहीं समझते हैं। इसके लिए मेहनत करते हैं और आज भी प्रतिदिन पढ़ाई करते हैं। 

निशिकांत दुबे ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को आंदोलन में ना भेजें। उनका कहना है कि अगर बच्चे देश के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं तो उन्हें घर में रहकर पढ़ाई करने दें। 

 

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गिरिराज सिंह का भी बयान आया सामने

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि BJP की एकता और तरक्की के लिए काम करती है। जब छात्र अपनी मांगों को लेकर आगे आए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत कार्रवाई की। एक महीने के अंदर न सिर्फ परीक्षा हुई, बल्कि उसे लीक-प्रूफ भी रखा गया और नतीजे भी समय पर घोषित किए गए।

गिरिराज सिंह आगे कहा कि कुछ बाहरी ताकतों ने देश में अलग माहौल बनाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से देश के युवाओं और छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील रहे हैं।