प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'परीक्षा पे चर्चा'  के नौवें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत की। यह कार्यक्रम बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए हर साल आयोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के छात्रों से सीधे संवाद किया। यह कार्यक्रम 2018 से चल रहा है और इस बार करोड़ों से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में छात्रों को सलाह दी है कि परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव की तरह लेना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को लेकर छात्रों को टिप्स दी है। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों को अपनी पढ़ाई का अपना तरीका अपनाने और उस पर भरोसा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का पढ़ने का समय अलग होता है। कोई सुबह अच्छा पढ़ता है, कोई रात में। दूसरों की सलाह सुनें लेकिन जो आपके लिए सही लगे, वही अपनाएं। उन्होंने पढ़ाई, स्किल्स, शौक और आराम के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। 

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छात्रों को पीएम मोदी ने क्या मंत्र दिया?

पीएम नरेंद्र मोदी:-
सपने न देखना एक क्राइम है। सपने देखने ही चाहिए, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है। इसलिए, जीवन में कर्म को ही प्रधान मानना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारे देश में बोर्ड के एग्जाम में नंबर लाने वाले बच्चे छोटे-छोटे गांव से हैं, पहले बड़े परिवार और बड़ी स्कूल के बच्चे ही नंबर लाते थे। अभी कुछ दिन पहले में ब्लाइंड क्रिकेट टीम की बच्चियों से मिला, वो जीतकर आई थीं, जब मैंने उनको सुना तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। उनके पास घर नहीं है, और वो ब्लाइंड हैं, खेलना सीखा और दिव्यांग होने के बावजूद भी वो यहां तक पहुंची। हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिये कि कंफर्ट जोन ही जीवन बनाता है, जीवन बनता है, जिन्दगी जीने के तरीके से।'

छात्रों को परीक्षा पर टिप्स देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Photo Credit: PTI

 

पीएम नरेंद्र मोदी:-
अभी मेरे जन्मदिन पर 17 सितंबर को एक नेता ने फोन किया और कहा कि आपके 75 साल हो गए, तो मैंने उसे कहा कि 25 अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने गेमिंग पर कहा कि गेमिंग हॉबी को गंभीरता से लें, अपनी क्रिएशन शेयर करें और फीडबैक से सुधार करें।  प्रधानमंत्री ने बताया कि शिक्षा सिर्फ नंबरों के लिए नहीं, बल्कि जीवन बेहतर बनाने के लिए है। उन्होंने लाइफ स्किल्स पर जोर दिया। पीएम ने छात्रों से कहा कि अच्छे नंबर और बेहतर स्किल, दोनों जरूरी हैं। परीक्षा पैटर्न बदलते रहते हैं, इसलिए सिर्फ पिछले पेपर्स पर निर्भर न रहें, पूरी पढ़ाई पर फोकस करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:-
हर चीज में संतुलन होना चाहिए। एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही गिरोगे। स्किल में भी दो तरह की स्किल होती है। एक लाइफ स्किल है, दूसरी प्रोफेशनल स्किल है। उसमें भी कोई मुझसे पूछेगा कि किसी पर ध्यान देना चाहिए, मैं कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए। बिना अध्ययन और ऑब्जरवेशन किए और बिना ज्ञान प्रयुक्त किए कोई भी स्किल आ सकता है क्या? स्किल की शुरुआत तो ज्ञान से ही होती है, उसका महत्व कम नहीं है।


कार्यक्रम में और क्या खास रहा?

'म्यूजिकल मोमेंट' कार्यक्रम में छात्रों ने खुद लिखे गाने और कविताएं सुनाईं। इस बार की चर्चा की थीम में परीक्षा को उत्सव बनाना, स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान, पर्यावरण बचाना और स्वच्छ भारत जैसे मुद्दे शामिल थे। पीएम मोदी ने शिक्षकों को सलाह दी कि वे छात्रों से थोड़ा आगे पढ़ाएं जिससे बच्चे तैयार रहें।