पेपर लीक रोकने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बड़ा कदम उठाया है। वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट देगी। उसकी सिफारिश के आधार पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया जाएगा। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के व्यापक प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार अपना वीडियो जारी किया है।
पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में कहा, 'विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार अनेक कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे हैं। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं। हम कल संसद में भी कठोर कानून के प्रावधानों के साथ नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'
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पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त, पारदर्शी और सबसे अधिक तकनीक उपयोग वाली हो, इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निर्णय किया है, जो इग्जाम रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा। जल्द से जल्द आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने का काम रिपोर्ट के आधार पर कर दिया जाएगा।'
कड़ा कानून भी ला रही सरकार
एक दिन पहले ही कई हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के साथ सहमति बनने के बाद खत्म किया। सरकार ने सीजेपी की तीनों मांगों को मान लिया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात कही। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ठीक एक दिन बाद ही परीक्षा प्रणाली को विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने की दिशा में छह सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। सोमवार को ही केंद्र सरकार एक कड़ा कानून पेश करेगी। प्रावधान के मुताबिक पेपरलीक के दोषियों को 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और कड़ी सजा मिलेगी।
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छह सदस्यीय टास्क फोर्स में कौन-कौन?
- नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष)
- आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी कामाकोटी
- पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका
- पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ
- पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल
- रसद विशेषज्ञ अमृत लाल मीना
नीलेकणि के पास आधार बनाने का अनुभव
सरकार परीक्षा प्रणाली में अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल करना चाहती है, ताकि पेपरलीक की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। टास्क फोर्स में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया। यह टास्क फोर्स एनटीए की परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा। खासकर टेक्नोलॉजी और सिस्टम में ढांचागत सुधारों के मामले में।
नंदन नीलेकणि के पास आईआईटी बॉम्बे से स्नातक की डिग्री है। वे आधार कार्ड बनाने वाली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। नीलेकणि इन्फोसिस के अलावा एकस्टेप फाउंडेशन के को-फाउडर हैं। भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित कर चुकी है।
