देशभर में नीट पेपर लीक पर बवाल जारी है और संसद में भी इस पर संग्राम जारी है। विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। इस बीच अब पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो जारी कर पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक के गुनाहगारों को पकड़ा गया है। पीएम ने कहा कि पेपर लीक के बाद उनकी प्राथमिकता फिर से पेपर करवाना था।
देर रात करीब 11 बजकर 52 मिनट पर पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में पीएम ने साफ किया कि सरकार ने अपनी प्राथमिकता के अनुसार, पेपर लीक के बाद फिर से नीट की परीक्षा करवाई और इसके लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए। इसके बाद अब नीट परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब इस परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया है और देश के अलग-अलग हिस्सों से जश्न की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
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पीएम ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, 'पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अबतक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।'
आज होगी कैबिनेट मीटिंग
पीएम मोदी ने पहले ही कह दिया था कि सरकार पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिे फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी। इसका जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, 'हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। विभागों ने देर रात मुझे मसौदा भेजा है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान हैं। इस पर शुक्रवार को कैबिनेट के बीच चर्चा होगी।'
सोमवार को आ सकता है बिल
पीएम मोदी ने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट की मीटिंग के बाद अगले हफ्ते संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन सरकार पेपर लीक पर बिल पेश करेगी। पीएम ने कहा कि इस बिल को जल्द से जल्द पास करवाएंगे। पीएम ने बताया कि उन्हें इस बिल का मसौदा मिल गया है और इसमें फास्टट्रैक कोर्ट और कठोर सजा का प्रावधान है।
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दबाव में है सरकार?
पिछले करीब तीन महीनों से इस मुद्दे पर चुप्पी साधी बैठी सरकार अब इस मुद्दे पर अपना लगातार बचाव कर रही है और एक्शन लेने की बात कह रही है। जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच विपक्ष भी संसद में सरकार को घेर रहा है। 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। इसके बाद सरकार दबाव में है और लगातार मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, सरकार के लिए अच्छी खबर यह है कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर लिया है लेकिन अभी भी छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।
