धर्मेंद्र प्रधान के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। कॉकरोच जनता पार्टी के 50 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। अब वरिष्ठ बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी के पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के अलावा शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी होगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पीएम मोदी की सलाह के बाद राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपने का निर्देश दिया।
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पांच बार के सांसद हैं प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के अध्यक्ष और कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। 1962 में उत्तरी कर्नाटक के पारंपरिक ब्राह्मण परिवार में जन्में प्रह्लाद जोशी पांच बार के सांसद हैं। 2024 में उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किया गया था।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जोशी ने मई 2019 से जून 2024 तक संसदीय कार्य, कोयला और खान मामलों के कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया। साल 2004 से प्रह्लाद जोशी का धारवाड़ लोकसभा सीट पर कब्जा है। इसके अलावा 2014 से 2016 तक कर्नाटक में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके।
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कैसे चर्चा में आए थे प्रह्लाद जोशी?
बीजेपी की वेबसाइट के मुताबिक 1992-1994 के बीच प्रह्लाद जोशी हुबली के इदगाह मैदान में तिरंगा झंडा फहराने के बाद बड़ा चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' की अगुवाई भी की। पेशे से उद्योगपति रहे प्रल्हाद जोशी धारवाड़ में बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
