केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर करीब एक महीने चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी सभी मांगे मान ली हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हो गया और नए शिक्षा मंत्री भी बन गए लेकिन इस आंदोलन ने एक पुरानी बहस को नए सिरे से शुरू कर दिया है। इस आंदोलन के बाद लोगों ने सोशल मीडिया की ताकत को समझा है और इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर अब आरक्षण हटाने के लिए मुहिम चलाई जा रही है।
एक्स, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में ऐसे पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें कुछ यूजर्स और अलग-अलग अकाउंट से रिजर्वेशन खत्म करने या आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। कई पोस्ट में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों में मेरिट आधारित चयन की बात कही जा रही है। वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता के साथ-साथ आरक्षण व्यवस्था पर भी चर्चा होनी चाहिए।
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रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन
सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी की तर्ज पर ही एक रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के नाम से पेज बनाया गया है। इंस्टाग्राम पर इस पेज के लगभग 5 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं। इस अकाउंट से लगातार इस तरह के पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं जिनमें रिजर्वेशन हटाने की मांग की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान भी इस अकाउंट से कई पोस्ट शेयर किए गए। इस अकाउंट से लगातार पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं जिन्हें बड़ी संख्या में लोग शेयर भी कर रहे हैं। इस अकाउंट के फाउंडर ने वीडियो जारी कर इंटरनेशनल मीडिया से भी इस मुद्दे पर बातचीत करने की अपील की है।
अजित भारती का मिला साथ
इस मुहिम को अब अजित भारती का साथ मिल गया है। अजित भारती सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं। वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणियों, विश्लेषण और व्यंग्य के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के सोशल मीडिया अकाउंट से उन्होंने कई वीडियो शेयर किए हैं। अजित भारती ने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो और इसके बाद हम सरकार से सवाल पूछेंगे और इसके बाद एजेंडा तय करेंगे।
सीजेपी से भी की थी मांग
जंतर-मंतर पर जब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन चल रहा था उस समय भी कई लोग सीजेपी से अपील कर रहे थे कि रिजर्वेशन के मुद्दे पर भी बात की जाए और इसे हटाने के लिए मंच से मांग की जाए। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई पोस्ट शेयर किए जा रहे थे। इसके अलावा एक टीवी डिबेट में नीट के एक छात्र का गुस्सा रिजर्वेशन पर फुटा जिसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से इस मुद्दे पर चर्चा होने लगी।
सोशल मीडिया पर हो रहा ट्रेंड
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग हैशटैग भी ट्रेंड करने लगे हैं। कई नए अकाउंट और पेज इस विषय पर लगातार पोस्ट साझा कर रहे हैं। इनमें कुछ लोग आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में ऐसे यूजर्स भी हैं जो मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करते हुए इसे सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार बता रहे हैं। इन यूजर्स का कहना है कि आरक्षण को खत्म करने की मांग संविधान की भावना के खिलाफ होगी।
इस बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो, ग्राफिक्स और लंबे पोस्ट भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि शिक्षा सुधार के बाद अब अगला बड़ा मुद्दा आरक्षण होना चाहिए। अलग-अलग लोग अपने-अपने तर्कों के साथ अभियान चला रहे हैं और इस विषय पर बहस लगातार तेज होती जा रही है।
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क्या Gen-Z का मिलेगा साथ?
सीजेपी के आंदोलन को सफल बनाने के पीछे Gen-Z का हाथ है। Gen-Z ने जब सीजेपी के आंदोलन का समर्थन किया तो सोशल मीडिया से पीएम मोदी और संसद तक Gen-Z की बात होने लगी। इसके बाग सरकार को झुकना भी पड़ा। सीजेपी के आंदोलन को भी शुरुआत में सोशल मीडिया पर जारी मुहिम कहकर टाल दिया गया था लेकिन अभिजीत दिपके अमेरिका से इंडिया आए और सरकार से अपनी मांगे मनवा ली। सोशल मीडिया पर साथ देने वाले युवा भारी संख्या में मैदान में उतरे। इसके बाद ही जीत मिली। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रिजर्वेशन के मुद्दे पर भी क्या Gen-Z खुलकर सामने आएगा?
