दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 7 हो गई है। सोमवार सुबह मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद किया गया है। अभी तक मलबे से कुल 12 लोगों को बचाया जा चुका है। मामले की गंभीरता और अफसरों की लापरवाही को ध्यान में रखते हुए दिल्ली नगर निगम के एक डिप्टी कमिश्नर और चार इंजीनियर यानी कुल 5 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार सुबह फिर से घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बताया है अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला है जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की सटीक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। यह बचाव अभियान सोमवार को भी दिनभर जारी रहने की उम्मीद है। NDRF के महानिरीक्षक (आईजी) नरेंद्र बुंदेला ने कहा कि केंद्रीय आपदा मोचन बल के पास मलबे के नीचे फंसे लोगों की संख्या को लेकर कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ घटनास्थल पर लोगों के जिंदा होने के संकेतों की तलाश के लिए कटर, हाइड्रोलिक जैक और प्रशिक्षित कुत्तों का इस्तेमाल कर रहा है।
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कौन-कौन हुआ सस्पेंड?
MCD ने जिन पां अधिकारियों को सस्पेंड किया है, उनमें एक डिप्टी कमिश्नर, एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। सस्पेंड हुए डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार साउथ जोन का काम देखते थे। उनके अलावा साउथ जोन के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह , एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक बयान में बताया था कि सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद 11 लोगों को उसके जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया। बयान के मुताबिक, 'इन 11 लोगों में से पांच को मृत अवस्था में लाया गया था जबकि गंभीर हालत में लाए गए एक अन्य व्यक्ति ने बाद में दम तोड़ दिया। तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। एक व्यक्ति के एक अंग की सर्जरी की गई। मामूली रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को निगरानी में रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।'
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इस बीच दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ ‘लुकआउट नोटिस’ जारी कर दिया है। पुलिस ने हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही बरतने और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
